ग्वालियर में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाने के लिए हिंदू महासभा के खिलाफ इंदौर में शिकायत दर्ज की गई है। हिंदू महासभा ने 15 नवंबर को ग्वालियर में अपने दफ्तर में नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाकर उसे मंदिर घोषित कर दिया था।
हिंदू महासभा की ग्वालियर जिला इकाई ने प्रशासन से नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने की आज्ञा और जमीन आवंटित करने की मांगी की थी। प्रशासन ने जमीन देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद जिला अध्यक्ष ने बुधवार को दौलतगंज स्थित हिंदू महासभा के कार्यालय में नाथूराम गोडसे की मूर्ति स्थापित कर दी जहां गोडसे ने सात दिनों तक हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी।
महात्मा गांधी के हत्यारे का मंदिर बनाने से नाराज कांग्रेस ने प्रतिमा लगाने वालों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य लोगों को रासुका के तहत गिरफ्तार करने की भी मांग की।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या ग्यवालियर में नाथूराम गोडसे की मूर्ति लगाने वालों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए? इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 10,177 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 37.15 फीसदी (3781 वोट) पाठकों ने माना कि मूर्ति लगाने वालों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। जबकि 59.38 फीसदी पाठक (6043 वोट) लोगों का कहना है इन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज नहीं होना चाहिए। वहीं, 3.47 फीसदी (353 वोट) पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।