सीबीआई के पूर्व निदेशक आलोक वर्मा ने सेवा से इस्तीफा दे दिया। वर्मा ने डीजी फायर सर्विस का चार्ज लेने से इनकार करते हुए इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि उनके मामले में प्राकृतिक न्याय को समाप्त कर दिया है। वर्मा ने कहा कि सीबीआई की साख को बर्बाद करने की कोशिश हो रही है।
जबकि सीबीआई को बिना बाहरी दबाव के काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैंने सीबीआई की साख बनाए रखने की कोशिश की है। लेकिन मेरे मामले में पूरी प्रक्रिया को उल्टा कर मुझे निदेशक के पद से हटा दिया गया है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सीबीआई में चल रही उथल-पुथल से इस एजेंसी की साख प्रभावित हुई है?'
पोल के जवाब में हमें कुल 3787 वोट मिले। इनमें 81.94 फीसदी (3103 वोट) पाठकों ने माना कि सीबीआई में चल रही उथल-पुथल से इस एजेंसी की साख प्रभावित हुई है। जबकि 18.6 फीसदी (684 वोट) पाठकों ने माना कि सीबीआई में चल रही उथल-पुथल से इस एजेंसी की साख प्रभावित नहीं हुई है।