तमिलनाडु में विरासत पर सियासत चरम पर है। जिसके कारण राज्य में राजनीतिक संकट और गहराने लगा है। सत्ता की लड़ाई में मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को उस समय और ताकत मिली जब पार्टी के 10 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि पार्टी महासचिव वीके शशिकला धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही हैं। हालांकि, अभी भी अधिकांश विधायकों का समर्थन उन्हें प्राप्त है।
लोकतंत्र में विरासत का खेल कितना खतरनाक होता है, ये तमिलनाडु में चल रहे राजनीतिक उठापटक से समझी जा सकती है। पन्नीरसेल्वम सीएम की कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं, जबकि शशिकला हर हाल में सीएम की कुर्सी पाना चाहती हैं। तमिलनाडु में सियासी ड्रामे को लेकर अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल किया। पोल में सवाल पूछा, "तमिलनाडु का मुख्यमंत्री किसे बनाना चाहिए?"
अमर उजाला के इस ऑनलाइन पोल में 7882 पाठकों ने हिस्सा लिया। जिसमें सबसे अधिक 70.35 फीसदी यानी 5503 पाठकों ने माना कि तमिलनाडु का मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम को बनाना चाहिए। वहीं मात्र 24.24 फासदी यानी 1896 पाठकों का मानना है कि शशिकला को राज्य का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। 5.41 फीसदी यानी 423 पाठकों ने कुछ कह नहीं सकते विकल्प को चुना।