उत्तर प्रदेश में चुनाव सिर पर हैं और राजग सरकार की आंतरिक कलाह थमने का नाम नहीं ले रही यादव परिवार भले ही इस बात को छिपाने की कितनी भी कोशिश करे लेकिन पार्टी और परिवार के बीच का घमासान अब खुले तौर पर सबके सामने आने लगा है। शुक्रवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि ''2017 के विधानसभा चुनाव में यदि पार्टी को बहुमत मिला तो विधायक मंडल दल खुद ही मुख्यमंत्री का फैसला करेगा।
उन्होंने कहा, यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, संसदीय बोर्ड और हम तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन होगा?'' मुलायम का बयान इसलिए भी अहम है कि सारी कलह के बावजूद अभी तक प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत सपा के सभी नेता कह रहे थे कि अखिलेश यादव ही पार्टी का चेहरा होंगे।
पार्टी कार्यकर्ताओं के इस कथन पर अमर उजाला ने पाठकों से सवाल पूछा कि 'समाजवादी पार्टी को किसके नेतृत्व में यूपी चुनाव का लड़ना चाहिए? हमने पाठकों को तीन विकल्प दिए, जिसमें पहला विकल्प- अखिलेश यादव, दूसरा- 'मुलायम सिंह यादव और तीसरा विकल्प शिवपाल सिंह यादव के नाम का दिया गया।
इस पोल में कुल 6422 लोगों ने हिस्सा लिया, इनमें सबसे ज्यादा 75.16 प्रतिशत (4827) लोगों ने पहले विकल्प को चुना। वहीं 14.59 प्रतिशत यानि 937 लोग चाहते हैं कि पार्टी सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह के नेतृत्व में आगामी चुनाव लडे़, जबकि 658 यानि 10.25 प्रतिशत लोग चाहते हैं कि सपा शिवपाल सिंह यादव के नेतृत्व से चुनाव लड़े।