मोदी सरकार ने हर तबके की उम्मीदों को पूरा करते हुए इस साल कई बड़े एलान किये हैं। कुछ लोग इसे चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं तो कुछ इसे सपनों का बजट बता रहे हैं। किसान, मजदूर और नौकरीपेशा वर्ग के लोगों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किया है मगर अब पांच लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे लगभग तीन करोड़ करदाताओं को फायदे का अनुमान है। 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों के खाते में हर साल 6 हजार रुपये, 12 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा लाभ। आपदा पीड़ित किसानों को ब्याज में 5 फीसदी तक की छूट।
असंगठित क्षेत्र के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का एलान, हर महीने 3 हजार की पेंशन मिलेगी। मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ के आवंटन का एलान । सरकार ने ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए कर दी है। उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ फ्री एलपीजी कनेक्शन। रक्षा बजट पहली बार 3 लाख करोड़ के पार चला गया है। स्मार्ट सिटी के बाद अब अगले पांच साल में एक लाख डिजिटल गांव बनाए जाएंगे। फिल्म निर्माताओं के लिए एकल खिड़की को मंजूरी दी गई।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आप इस बजट से खुश और संतुष्ट हैं?
पोल के जवाब में हमें कुल 10045 वोट मिले। इनमें 68.95 फीसदी (6926 वोट) पाठकों ने माना कि जनता इस बजट से खुश और संतुष्ट है, जबकि 31.5 फीसदी (3119 वोट) पाठकों ने माना कि जनता इस बजट से खुश और संतुष्ट नहीं है।