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अमर उजाला पोल: 1984 के सिख विरोधी दंगों में कोई राजनीतिक दल नहीं था शामिल 

Mon, 27 Aug 2018 08:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ष 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों को शायद कुछ लोग भूल चुके होंगे मगर इन दंगो की वजह से हजारों परिवारों को मिले घाव 28 बरस बाद भी हरे हैं। उन जख्मों की टीस वे हर दिन और हर पल महसूस करते हैं।

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अपनी आंखों के सामने अपने बेटे और नाती को मौत के मुंह में जाते देखने वाले हरप्रीत सिंह उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि ‘कैसे भूलूं वह दिन...जब दंगा फैल रहा था और मैंने खुद अपने बेटे को समय से पहले दुकान से घर जाने के लिए कह दिया। सरोजनी नगर में हमारी कपड़े की दुकान थी और थोड़ी ही दूरी पर घर था।' 

दंगों को याद करते उनकी आंखें नम हो जाती हैं... वे कहते हैं कि, 'मैं नहीं जानता था कि अपने बेटे और सात साल के नाती को मौत के मुंह में भेज रहा हूं। रास्ते में हंगामे से बचते हुए किसी तरह मैं जब घर पहुंचा, तो पूछने पर पता चला कि मेरा बेटा और नाती घर नहीं पहुंचे। मैंने पता करने की कोशिश की। काफी देर बाद मुझे पड़ोसियों ने बताया कि भीड़ ने दोनों को मार डाला।' 
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इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या आप भी मानते हैं कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में कोई राजनीतिक दल शामिल नहीं था?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 

कुल 4108 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 28.46 फीसदी (1169 वोट) पाठकों ने माना कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में राजनीतिक दल शामिल थे। जबकि 71.54 फीसदी (2939 वोट) पाठकों ने माना कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में कोई राजनीतिक दल शामिल नहीं था।

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