पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाकर पंजाब के मंत्री व पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू लोगों के निशाने पर आ गए हैं। विवाद पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा से गले मिलने के बाद बढ़ा। पूरे घटना क्रम को लेकर सोशल मीडिया में लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
17 अगस्त को नवजोत सिद्धू अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान की यात्रा में गए थे। यहां पर उन्होंने पाक आर्मी चीफ से मुलाकात कर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें पीओके यानि पाक अधिकृत कश्मीर के प्रेसिडेंट मसूद खान के बगल में बैठाया गया। भारत और पाक के बीच पीओके को लेकर काफी सालों से विवाद जारी है। पीओके को भारत सरकार मान्यता नहीं देती है। नवजोत सिद्धू के पीओके के राष्ट्रपति के साथ बैठने से कई तरह के विवादों ने जन्म ले लिया है।
इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या नवजोत सिद्धू को पाकिस्तान जाकर पीओके के राष्ट्रपति के साथ बैठना चाहिए था?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 4169 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 28.21 फीसदी (1176 वोट) पाठकों ने माना कि नवजोत सिद्धू को पाकिस्तान जाकर पीओके के राष्ट्रपति के साथ बैठना चाहिए था। जबकि 71.79 फीसदी (2993) पाठकों ने माना कि नवजोत सिद्धू को पाकिस्तान जाकर पीओके के राष्ट्रपति के साथ नहीं बैठना चाहिए था।