आलोचकों ने भले ही उसका बोरिया बिस्तर बांध दिया था लेकिन माही को अपनी काबिलियत पर यकीन है और उसने ऑस्ट्रेलिया में बल्ले से जवाब देकर साबित कर दिया कि भारतीय टीम के लिए आज भी उससे बेहतर 'मैच फिनिशर' नहीं है, यह कहना है महेंद्र सिंह धोनी के पहले कोच केशव रंजन बनर्जी का।
रांची के जवाहर विद्या मंदिर में धोनी को फुटबाल से क्रिकेट में लाने वाले बनर्जी ने कहा कि आलोचना या प्रशंसा पर प्रतिक्रिया जताना कभी उसकी आदत नहीं रही। उन्होंने रांची से भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा, 'वह कभी बोलता नहीं है। बल्ले से जवाब देता है। आस्ट्रेलिया जाने से पहले मैने उससे कहा कि लोग इतना बोल रहे हैं तो तुम जवाब क्यो नहीं देते। इस पर उसने कहा कि आलोचना से क्या होता है। जिस दिन मुझे लगेगा कि मैं टीम को सौ फीसदी नहीं दे पा रहा हूं, मैं खुद क्रिकेट छोड़ दूंगा।'
बनर्जी ने कहा, 'अब आस्ट्रेलिया में मैन आफ द सीरिज रहकर उसने अपने आलोचकों को जवाब दे दिया है। उसकी फिटनेस और टीम की जरूरत के हिसाब से खेली गई पारियां बेजोड़ रही। उसके इस तरह खेलने से दूसरे बल्लेबाजों को भी हौसला मिला। ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले रांची में उसने काफी अभ्यास किया। बच्चों के साथ मैदान पर घंटो मेहनत की और उसे यकीन था कि वह अच्छा खेलेगा।'
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था ' क्या भारत को 2019 क्रिकेट वर्ल्ड कप दिलाने में महेंद्र सिंह धोनी की अहम भूमिका होगी?
पोल के जवाब में हमें कुल 4300 वोट मिले। इनमें 83.77 फीसदी (3602 वोट) पाठकों ने माना कि भारत को 2019 वर्ल्ड कप दिलाने में महेंद्र सिंह धोनी की अहम भूमिका होगी, जबकि 16.23 फीसदी (698 वोट) पाठकों ने माना कि भारत को 2019 वर्ल्ड कप दिलाने में महेंद्र सिंह धोनी की अहम भूमिका नहीं होगी।