इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए दलित बनाम दलित का मुकाबला हो रहा है। राष्ट्रपति चुनाव में जदयू के झटके के बाद कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खिलाफ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उतारने की घोषणा की है। विपक्ष ने मीरा कुमार के जरिए पाला बदल कर एनडीए उम्मीदवार के पक्ष में आने वाले जदयू के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है, वहीं दलित उम्मीदवार की शर्त रखने वाली बसपा प्रमुख मायावती की इच्छा भी पूरी कर दी।
बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में गुरुवार को 17 दलों की बैठक के दौरान तीन नामों पर चर्चा हुई। एनसीपी नेता शरद पवार ने मीरा कुमार के अलावा पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और राज्यसभा सांसद बालचंद्र मंगेकर के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसमें मीरा कुमार पर आमराय बन गई।
मालूम हो कि मीरा कुमार, पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की पुत्री और पूर्व राजनयिक हैं, जबकि शिंदे और मंगेकर महाराष्ट्र के दलित नेता हैं। हालांकि, माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने गांधीजी के प्रपौत्र गोपालकृष्ण गांधी और बीआर अंबेडकर के प्रपौत्र प्रकाश अंबेडकर की उम्मीदवारी का भी प्रस्ताव रखा था।
इस पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या विपक्षी पार्टियों की उम्मीदवार मीरा कुमार से एनडीए के रामनाथ कोविंद को टक्कर मिलेगी?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 18,356 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में सबसे अधिक 40.88 फीसदी यानि 7,504 पाठकों ने माना कि विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार से एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को टक्कर मिलेगी। 56.65 फीसदी यानि 10,399 पाठकों ने माना कि रामनाथ कोविंद के साथ मीरा कुमार की टक्कर नहीं मिलेगी। वहीं, 2.47 फीसदी यानि 959 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।