'साहित्य अकादमी' ने 2017 के अपने 'युवा पुरस्कार' और 'बाल साहित्य पुरस्कार' के विजेताओं के नाम घोषित किए हैं। 24 भाषाओं में छपी पुस्तकों को बाल साहित्य पुरस्कार से नवाजा गया है। बाल साहित्य पुरस्कार के सभी विजेताओं को 14 नवंबर 2017 को बाल दिवस मौके पर एक तांबे की पट्टी के साथ 50 हजार रूपये की नकद राशि दी जाएगी।
'युवा पुरस्कार' हर साल किसी 35 वर्षीय और उससे नीचे की आयु वाले लेखक की पहली और अच्छी पुस्तक के लिए दिया जाता है। इस पुरस्कार के तहत विजेता को पचास हजार रूपये के नकद इनाम के साथ एक तांबे की पट्टी दी जाती है।
वहीं, कश्मीर की कवयीत्री 'निघत साहिबा' को इस साल युवा पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्हें ये पुरस्कार उनकी कहानी 'ज़र्द पनीके दायर' के लिए दिया गया है और अस्वथी शशिकुमार को उनकी मलयालम में छोटी कहानी 'जोसेपिनटे मनम' के लिए युवा पुरस्कार मिला है।
जबकि, मनु एस पिल्लई को अंग्रेजी कहानी 'आइवरी थ्रोन' जो कि त्रावनकोर की आखिरी रानी की आत्मकथा पर लिखी गई है और राहुल कौसांबी को मराठी में लिखे एक निबंध 'उभा अदावा' के लिए इस पुरस्कार से नवाजा गया है।
वहीं, 24 भाषाओं में छपी पुस्तकों को बाल साहित्य पुरस्कार मिला है। बता दें कि हर भाषा के चुनाव के लिए तीन सदस्य जूरी बनाई गई थी। जिन प्रकाशकों ने पिछले पांच सालों में बच्चों की बुक छापी है उन्हें भी इस अवार्ड में शामिल किया गया जिनमें दस लेखकों 'चिल्ड्रंस बुक' में योगदान के लिए पुरस्कार मिला है। बाल साहित्य पुरस्कार के सभी विजेताओं को 14 नवंबर 2017 को बाल दिवस वाले दिन एक तांबे की पट्टी के साथ 50 हजार रूपये की नकद राशि दी जाएगी।
जबकि आसाम के लेखक होरेंद्र नाथ बोरठाकुर और बोडो लेखक रेनू बोरो को भी बाल साहित्य में उनके योगदान के लिए नवाजा गया है।