प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने गुरुवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री के घरेलू दौरों पर आने वाले खर्च का ब्योरा नहीं रखता। मुंबई स्थित आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सूचना के अधिकार के तहत पीएमओ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री परिषद के घरेलू और विदेश दौरों पर मई 2014 के बाद से आए खर्च की प्रकृति और विवरण की जानकारी देने का अनुरोध किया था।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या देश के सभी जनप्रतिनिधियों की सरकारी यात्राओं पर हुए खर्च की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए?'
पोल के जवाब में हमें कुल 4,027 वोट मिले। इनमें 94.83 फीसदी (3,819 वोट) पाठकों ने माना कि देश के सभी जनप्रतिनिधियों की सरकारी यात्राओं पर हुए खर्च की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। जबकि 5.17 फीसदी (208 वोट) पाठकों ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों की सरकारी यात्राओं पर हुए खर्च की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।