भारत-पाक संबंधों में बेहद तल्खी के बावजूद अमृतसर में आयोजित किए गए हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में पाक पीएम के सलाहकार सरताज अजीज आए। अजीज ने पीएम मोदी से हाथ मिलाया लेकिन दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर निशाना भी साधा।
इस मौके पर अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तो सरताज अजीज का नाम लेकर यहां तक कह दिया कि अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण के लिए पाक ने जो 500 मिलियन डॉलर की पेशकश की है, उसे वह अपने यहां आतंकवाद खत्म करने में लगाएं। यानी अजीज भले ही सम्मेलन में आए हों, लेकिन उनकी मौजूदगी से कोई फर्क नहीं पड़ा और पाकिस्तान इस मौके पर अलग-थलग नजर आया।
उड़ी हमले के बाद से भारत की कोशिश भी रही है कि आतंकवाद समर्थक पाक को अलग-थलग कर दिया जाए। ऐसे में भारत की कोशिश कितनी सफल रही, इस पर अमर उजाला डॉटकॉम ने ऑनलाइन पोल में पाठकों से राय जाननी चाही। अमर उजाला पोल में पाठकों से सवाल पूछा गया कि 'क्या भारत हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन में पाकिस्तान को अलग-थलग करने में सफल रहा है?'
इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़चढ़कर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। सबसे ज्यादा 78.13 फीसदी (5821) पाठकों ने माना कि भारत पाक को अलग-थलग करने में कामयाब रहा। 17.53 फीसदी (1306) पाठकों ने इस बात से इनकार किया। वहीं, 4.34 फीसदी (323) पाठकों ने कहा कि वे इस बारे में कुछ कह नहीं सकते। पोल में कुल 7450 पाठकों ने हिस्सा लिया।