शशिकला के जेल भेजे जाने के बाद से ही तमिलनाडु की राजनीति में उथल-पुथल और तेज हो गई है। तेजी से बदलती राजनीति में अब बदलाव ये आया कि वर्तमान मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम को पार्टी से निकाल दिया गया। दरअसल, शशिकला ने पनीरसेल्वम को पार्टी से निकालने का फैसला जेल जाने से पहले लिया है। जब सुप्रीम कोर्ट में शशिकला के खिलाफ फैसला सुनाया जा रहा था उसी दौरान वे रिजार्ट पर अपने विधायकों के साथ बैठक कर रही थीं।
बैठक के बाद उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी हटा दिया गया। विधायकों ने के पलानीसामी को विधायक दल का नया नेता चुना है। इधर पनीर सेल्वम ने कहा कि बिना किसी पार्टी के समर्थन के बिना भी हमारी सरकार चलती रहेगी।पनीरसेल्वम को पार्टी से निकाले जाने पर अमर उजाला ने पोल किया। पोल में सवाल पूछा, 'क्या पनीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से बाहर निकालना सही है?'
पोल के पहले दिन में कुल 8,028 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 76.02 फीसदी (6,103) पाठकों के मुताबिक पनीरसेल्वम और उनके समर्थकों को पार्टी से बाहर करना सही कदम नहीं है। 20.84 फीसदी (1,673) पाठकों के मुताबिक जिस तरह उन्होंने बगावत का रवैया अपनाया है पार्टी ने उनके खिलाफ सही फैसला लिया है। वहीं 3.14 फीसदी (252) पाठकों ने अपना जवाब देने में असमर्थता जताई।