नोटबंदी की सफलता के बाद सरकार ने समय-समय पर नोटों के सुरक्षा फीचरों में परिवर्तन की पहल की है। ज्यादातर पाठकों को भी लगता है कि हर 3-4 साल में ऐसे बदलावों से नोटों को लेकर होने वाली जालसाजी पर शिकंजा कसेगा।
रविवार को खबर आई कि केंद्र सरकार बैंक बड़े नोटों के ऊपर लगे सुरक्षा चिन्हों को बदलने का योजना बना रही है। इसके लिए वैश्विक मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। सबसे पहले 2000 और 500 रुपये नोटों को इस परिवर्तन की परिधि में लाया जाएगा। इसके पीछे सीधी वजह यह रही कि नोटबंदी के बाद से बड़े पैमाने पर नकली करेंसी जब्त की जा चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अमर उजाला ने अपने ऑनलाइन पोल के जरिए पाठकों की राय जनानी चाही। पोल में सवाल किया गया कि क्या 3 से 4 साल में नोट में बदलाव करने से नकली करेंसी पर रोक लग पाएगी?
सवाल के जवाब में बढ़चढ़कर प्रतिक्रियाएं आईं। सबसे ज्यादा 77.31 फीसदी (8036) पाठकों ने कहा कि हर 3-4 साल में नोटों में बदलाव करने नकली करेंसी पर रोक लगेगी। 20.09 फीसदी (2088) पाठकों ने कहा कि इस योजना से भी कोई फायदा नहीं होने वाला है। नोटों में बदलाव से नकली करेंसी पर रोकथाम नहीं लगेगी। वहीं, 2.61 फीसदी (271) पाठकों ने सवाल का जवाब देने में असमर्थता जताई। पोल में कुल 10,395 पाठकों ने हिस्सा लिया।