फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ground Report@Khammam: जनजातीय इलाकों में कांग्रेस को कम्युनिस्टों का साथ, पुराने कांग्रेसियों बीआरएस के साथ

Sun, 26 Nov 2023 06:06 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

रेस्तरां मालिक नासिर कहते हैं, यहां हर बार वोट एक ही ओर जाते हैं। प्रदेश के कई मुस्लिम संगठनों ने खम्मम क्षेत्र में कांग्रेस को ही वोट देने की अपील की है।
विज्ञापन
Telangana Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तेलंगाना में बहुत ज्यादा पहचान न रखने वाले शहरी इलाके भी काफी समृद्ध हैंं। खम्मम भी कुछ ऐसा ही शहर है। यहां कई बड़े मॉल और शॉपिंग सेंटर हैं। कई आईटी कंपनियों के दफ्तर भी हैं। दूसरी तरफ, ग्रामीण इलाके पिछड़े हैं। यहां जनजातीय जनसंख्या काफी होने से कई सीटें रिजर्व भी हैं। एक दौर में कम्युनिस्ट पार्टियों का दखल अच्छा रहा थ्ाा, इस बार कांग्रेस भाकपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। खम्मम के दो हिस्से करके खम्मम और भद्री कोथागुडम जिले बनाए गए थे। दोनों में पांच-पांच सीटें हैं। नितिन यादव की रिपोर्ट...
विज्ञापन


कोथेगुडम में प्रियंका गांधी का रोड शो चल रहा था। गांवों की ओर बढ़ते हुए कांग्रेस की मजबूत पकड़ का एहसास होता है। पार्टियों के कार्यकर्ता ढोल-बाजे के साथ वोट मांग रहे थे। गांव लक्ष्मीपुरम के युवा वेंकेंटश्वर कहते हैं, यह क्षेत्र कांग्रेस के साथ रहा है। यहां कम्युनिस्ट मजबूत होने से कांग्रेस ने यह सीट भाकपा को दी है। यहां भाकपा से संभाशिव राव मैदान में हैं। उनको आंध्र के पूर्व सीएम जे वेंगल राव के बेटे और निर्दलीय प्रत्याशी जे वेंकटराव टक्कर दे रहे हैं। कांग्रेस से पिछली बार जीते वी वेंकटेश्वर राव इस बार बीआरएस से हैं।

चार लोगों का आत्मदाह कर लेना भी एक मुद्दा
कांग्रेस से बीआरएस में शामिल हुए विधायक वी वेंकेटश्वर राव के बेटे वी राघव पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर एक परिवार ने आत्मदाह कर लिया था। स्थानीय पत्रकार बताते हैं कि प्राॅपर्टी के एक विवाद में विधायक के बेटे पर यह आरोप लगा कि उसने पीडि़त की पत्नी से जुड़ी अनैतिक मांग की थी। इसी बात से परेशान होकर खुद, दो बेटियों और पत्नी के साथ जिंदा जला लिया। इस प्रकरण का वीडियो भी खूब वायरल हुआ। इस क्षेत्र में ही नहीं आसपास के इलाके में भी इस प्रकरण की गूंज सुनाई दी।
विज्ञापन


अधिकांश जनजातीय इलाकों में भी बदलाव का दौर
लंबाड़ा या गौंड सहित दूसरी जनजातीय इलाके के गांव लक्ष्मीपुरम के विजय कहते हैं कि गांव के कुछ पुराने लोगों को छोड़ दें तो अब सभी नए तौर-तरीकों के साथ जी रहे हैं। गांव के युवाओं में पढ़ाई की ओर भी रुझान है। छोटे-छोटे गांवों में गरीबी दिखाई देती है। गांवों में स्थानीय भाषा में गीत गाकर और महिलाओं के पारंपरिक नृत्य के साथ भी प्रचार होता दिखा।

दिग्गजों ने डाल दिया है डेरा
सभी पार्टियों के दिग्गजों ने अब तेलंगाना में डेरा डाल दिया है। 30 को चुनाव है और 28 को प्रचार खत्म हो जाएगा। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस महासचिव प्रिंयका गांधी के साथ सीएम केसीआर और बेटी कविता व बेटा केटीआर सभाएं कर रहे हैं।

मुस्लिमों की संख्या भी अच्छी खासी
इस क्षेत्र में मुस्लिम प्रत्याशियों की संख्या तो न के बराबर ही है लेकिन ये वोटर चुनावी नतीजों को खूब प्रभावित करते हैं। यहां 15 से 25 फीसदी तक मुस्लिम हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस की जीत में इनका योगदान रहा था। इस बार भी कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। रेस्तरां मालिक नासिर कहते हैं, यहां हर बार वोट एक ही ओर जाते हैं। हालांकि बीआरएस प्रत्याशी और मंत्री ए अजय कुमार की तारीफ करते हैं। प्रदेश के कई मुस्लिम संगठनों ने खम्मम क्षेत्र में कांग्रेस को ही वोट देने की अपील की है।

पूर्व मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी के काम पर मुहर
कांग्रेस की मजबूत पकड़ को स्थानीय पत्रकार पूर्व मुख्यमंत्री के राजशेखर रेड्डी के कामों की बदौलत मानते हैं। उनका कहना है संयुक्त आंध्र के मुख्यमंत्री होने के दौरान के राजशेखर रेड्डी ने इस क्षेत्र में विकास के कई काम कराए। पत्रकार शेख कदीर का कहना है कि रेड्डी ने मुस्लिमों को आरक्षण के साथ ही जनजातीय गांवों में खूब काम किया। साथ ही युवाओं की वर्तमान बीआरएस सरकार से रोजगार को लेकर भी नाराजगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें