कांग्रेस विधायक और गुजरात क्षत्रिय ठाकोर सेना चलाने वाले अल्पेश ठाकोर पर राज्य में हिंसा भड़काने के आरोप लग रहे हैं। जिसपर आज उन्होंने सफाई दी। उन्होंने कहा, 'मेरा बेटा बीमार है, मुझे बदनाम किया जा रहा है। मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। मेरे समुदाय को बदनाम किया जा रहा है। यह मेरी राजनीति नहीं है। मैंने किसी को आहत पहुंचाने की कोशिश नहीं की। मैं मानवता की विचारधारा को मानने वाला हूं। मैं खुद बिहार का प्रभारी हूं, मैं ऐसा नहीं कर सकता यदि मैंने किसी को भी धमकाया है तो मैं खुद जेल जाने के लिए तैयार हूं। गुजरात सभी का है। यह जितना मेरा है उतना ही आपका भी है।'
अल्पेश ठाकोर की सेना पर राज्य में हिंसा फैलाने के आरोप लग रहे हैं। जिसकी वजह से उनके समर्थकों के खिलाफ मामले भी दर्ज हुए हैं। सोमवार को गांधीनगर से पुलिस ने कांग्रेस नेता महोत ठकोर और उनके चार साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी ठाकोर सेना के सदस्य हैं। उन्होंने प्रवासियों को 24 घंटे के अंदर उवारसद गांव छोड़कर जाने की धमकी दी थी। विडियो के वायरल होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि 28 सितंबर को साबरकांठा में गुजरात की एक फैक्ट्री में
मजदूरी करने वाले शख्स ने 14 महीने की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार किया था। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रविंद्र साहू उसे एक मिट्टी के गड्ढे में छोड़ गया था। इस घटना के बाद से गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ गुस्सा और नफरत फैल गया है। गैर-गुजरातियों को राज्य छोड़ने की धमकी दी जा रही है। अब तक 25,000 से ज्यादा प्रवासी पलायन कर चुके हैं।
वहीं अहमदाबाद की एक फैक्ट्री में बिहार के 47 मजदूरों को बंधक बना लिया गया है और उनके साथ मारपीट की जा रही है। गुजरात से बिहार के शेखपुरा लौटे कुछ मजदूरों ने जिलाधिकारी से उनकी रिहाई की गुहार लगाई है। बंधक बनाए गए सभी मजदूर अहमदाबाद के चाचा बाड़ी गांव की एक फैक्ट्री में काम करते हैं। दुष्कर्म की घटना के बाद ये लोग घर लौटना चाह रहे थे, लेकिन फैक्ट्री संचालक ने सभी को एक कमरे में बंद कर दिया है। उनके साथ मारपीट की जा रही है और उन्हें वापस नहीं आने दिया जा रहा।