भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के अमरावती स्थित पश्चिम क्षेत्रीय परिसर में संदिग्ध व देश विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया गया है। इसे लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्री अमित शाह, सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई है।
अमरावती के पूर्व सभापति और महाराष्ट्र भाजपा के उत्तर भारतीय मोर्चा के प्रदेश सचिव गोपाल गुप्ता ने अपने पत्र में कहा है 2011 में स्थापित केंद्र सरकार का यह संस्थान पहले कांग्रेस के प्रचार का केंद्र था और अब देश विरोधी गतिविधियों का केंद्र बन गया है। 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद उम्मीद थी कि इसके कामकाज में सुधार आएगा लेकिन अब भी हालात चिंताजनक हैं।
गुप्ता के अनुसार गत वर्ष दिल्ली से प्रो. अनिल सौमित्र जब यहां पदस्थ हुए और उन्होंने संस्थान में सुधार की कोशिश की तो कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए और षड्यंत्र रचकर उन्हें हटवा दिया गया। संस्थान के मौजूदा क्षेत्रीय निदेशक कुछ संविदाकर्मियों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संस्थान का इस्तेमाल अरबन नक्सलवाद व आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में हो रहा है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि अतिथि प्राध्यापकों के नाम पर ऐसे विशेषज्ञों को बुलाया जाता है, जो विद्यार्थियों में देशभक्त संगठनों के खिलाफ जहर भरते हैं।
भाजपा नेता ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की यह स्वायत्त इकाई देश विरोधी गतिविधियों का केंद्र बन गई है। भारतीय जनसंचार संस्थान की ख्याति विश्व के श्रेष्ठ पत्रकारिता संस्थानों में होती है, लेकिन अमरावती केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक है। गुप्ता ने मांग की कि आईआईएमसी के अमरावती परिसर को देश विरोधी गतिविधियों से तत्काल मुक्त कराया जाए और बीते सालों में यहां हुए संदिग्ध कार्यों की जांच कराई जाए।
गडकरी ने की थी नागपुर स्थानांतरित करने की मांग
इससे पहले फरवरी में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आईआईएमसी अमरावती को नागपुर स्थानांतरित करने की मांग की थी। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को पत्र लिखा था।