हाल ही में तमिलनाडु में भाजपा और नरेंद्र मोदी के कच्चातिवु द्वीप को भारत में शामिल करने के बयान के बाद से कई नेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि भारत-श्रीलंका के रिश्तों के बारे में सोचे बिना ही भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बना दिया है।
लोकसभा चुनाव प्रचार को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों के दावे और एक दूसरे के साथ जुबानी जंग चल रही है। यह मामला है तमिलनाडु के पास स्थित कच्चातिवु द्वीप का। कच्चातिवु द्वीप के आसपास दशकों पुराना क्षेत्रीय और मछली पकड़ने का अधिकार विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। तमिलनाडु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मार्च को एक रैली में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि कच्चातिवू द्वीप कांग्रेस सरकार ने जानबूझ कर इसे श्रीलंका को सौंप दिया था, ऐसा कुछ तथ्यों से पता चलता है। कांग्रेस के इस फैसले से कई भारतीय गुस्से में हैं।
इस पर पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि बिना भारत-श्रीलंका के रिश्तों के बारे में सोचे बिना इस मुद्दे को उठाना तो सिर्फ चुनावी मुद्दा ही है। जब समुद्री, अंतरराष्ट्रीय समुद्री रेखा खींची गई, तब कच्चातिवु द्वीप श्रीलंका की समुद्री सीमा के हिस्से में पड़ता था, इसलिए इसे श्रीलंका को सौंपा गया था। लेकिन अब इस मुद्दे को स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा उठाया जाना महज चुनावी मुद्दा है। क्योंकि इससे भारत और श्रीलंका के रिश्तों पर प्रभाव पड़ेगा।
कहां है कच्चातिवु
द्वीप
कच्चातिवु द्वीप तमिलनाडु के रामेश्वरम से श्रीलंका के बीच स्थित एक छोटा सा द्वीप है। जोकि रामेश्वरम से 12 मील की दूरी पर है। जबकि श्रीलंका के जाफना से 10.5 मील की दूरी पर है। इस द्वीप का कुल क्षेत्रफल करीब 285 एकड़ है। इस द्वीप की लंबाई 1.6 किलोमीटर और तो चौड़ाई 300 मीटर है। कच्चातिवु द्वीप में सिर्फ एक इमारत है जोकि सेंट एंथोनी चर्च है। यह चर्च 20वीं सदी में बनया गया था। हर साल फरवरी और मार्च में यहां पूजा होती है, इस पूजा के लिए भारत और श्रीलंका दोनों से पादरी आते हैं, दोनों ही देश के श्रद्धालु भी इसके यहां आते हैं।
झूठ फैला रही भाजपा- यशवंत सिन्हा
पूर्व आईएएस अधिकारी जिन्होंने राजनीति में शामिल होने के लिए 1984 में इस्तीफा दे दिया था। वे 2018 तक भाजपा में शामिल रहे। लेकिन उन्होंने भाजपा से यह कहकर इस्तीफा दिया कि एनडीए सरकार लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर कर रही है। उन्होंने भाजपा पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों को गुमराह कर रही है। संसद में दिए गए एक लिखित उत्तर का हवाला देते हुए कहा कि चीन ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 38,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। गृहमंत्री का यह बयान कि हमारे क्षेत्र का एक इंच भी चीन ने नहीं लिया यह गलत है। एनडीए सरकार में अब तक का सबसे ज्यादा ऋण लिया है। जोकि यूपीए सरकार की तुलना में लगभग दुगना है।
अनुच्छेद 370 पहले ही हो चुका है खत्म
यशवंत सिन्हा ने का कि भाजपा यह दावा करती है कि अनुच्छेद 370 उन्होंने खत्म किया है, लेकिन अनुच्छेद 370 तो पहले ही खत्म हो चुका है। क्योंकि जब भाजपा ने अनुच्छेद 370 खत्म किया, तब अनुच्छेद 370 में कुछ बचा नहीं था। भाजपा ने इस बात का ऐलान किया था कि अनुच्छेद 370 को हटाया जाता है।