महिला विधायकों की तीन सदस्यीय समिति में भाकपा की आशा सीके, माकपा की यू प्रतिभा और रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पाटी की केके रीमा को शामिल किया गया है। ये तीनों यूडीएफ के घटक दलों की विधायक हैं। आमतौर पर ऐसी समिति में एक महिला सदस्य होती हैं।
केरल विधानसभा में नई व ऐतिहासिक पहल की जा रही है। सदन के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की गैर हाजिरी में महिला विधायक सदन की अध्यक्षता करते हुए कार्यवाही संचालित करेंगी। इसके लिए महिला विधायकों की एक समिति बनाई गई है।
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यह ऐतिहासिक फैसला स्पीकर ए. एन. शमशीर की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया। शमशीर ने एमबी राजेश की जगह स्पीकर का पदभार ग्रहण किया है। शमशीर ने महिला अध्यक्षों की समिति बनाने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद सत्तारूढ़ वामपंथी गठबंधन एलडीएफ ने दो और विपक्षी यूडीएफ ने एक महिला विधायक का नाम सुझाया।
महिला विधायकों की तीन सदस्यीय समिति में भाकपा की आशा सीके, माकपा की यू प्रतिभा और रिवोल्यूशनरी मार्क्सिस्ट पाटी की केके रीमा को शामिल किया गया है। ये तीनों यूडीएफ के घटक दलों की विधायक हैं। आमतौर पर ऐसी समिति में एक महिला सदस्य होती हैं।
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पहली केरल विधानसभा से लेकर मौजूदा सातवीं विधानसभा तक कुल 515 सदस्य ऐसी समितियों में शामिल हुए हैं। इनमें से केवल 32 महिला विधायकों को इस समिति में अवसर मिला है। सदन में कांग्रेस की ओर से उमा थॉमस विधायक हैं, लेकिन उनके बावजूद यूडीएफ ने रीमा के नाम का सुझाव दिया।