ALH Dhruv: एएलएच ध्रुव के सेना वर्जन और नौसेना वर्जन के परिचालन को फिर से शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। बता दें कि, जनवरी महीने में पोरबंदर एयरपोर्ट पर हुए हादसे के बाद से एएलएच ध्रुव के दोनों वर्जन के उड़ान पर रोक लगा दी गई थी।
केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर ध्रुव के परिचालन को फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी है। हालांकि मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर का नौसेना संस्करण अभी भी उड़ान नहीं भरेगा।
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इस वजह से एएलएच ध्रुव के बेड़े की उड़ान पर लगी थी रोक
सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल की तरफ से संचालित 330 से अधिक ध्रुव हेलीकॉप्टरों के पूरे बेड़े को जनवरी की शुरुआत में एक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उड़ान भरने से रोक दिया गया था।
एएलएच ध्रुव की खासिसत
स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (एएलएच-ध्रुव) 5.5 टन भार वर्ग में एक जुड़वां इंजन, बहु-भूमिका, बहु-मिशन नई पीढ़ी का हेलीकॉप्टर है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की तरफ से अब तक 340 से अधिक ध्रुव हेलीकॉप्टरों का उत्पादन किया जा चुका है।
HAL ने साझा की जानकारी
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बताया कि, एएलएच सेना और वायु सेना संस्करणों को संचालन के लिए मंजूरी दी गई है। 11 अप्रैल 2025 के स्पष्टीकरण के अनुसार, अब यह सूचित किया जाता है कि उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव सेना और वायु सेना संस्करणों को दोष जांच (डीआई) समिति की सिफारिशों के आधार पर संचालन के लिए मंजूरी दे दी गई है। उपयोगकर्ताओं के साथ संचालन को फिर से शुरू करने के लिए एक समयबद्ध योजना तैयार की गई है।
पांच जनवरी 2025 को हुआ था हादसा
बता दें कि, तटरक्षक बल का एक ध्रुव हेलीकॉप्टर पांच जनवरी को गुजरात के पोरबंदर हवाई अड्डे के रनवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस घटना में हेलीकॉप्टर के दो पायलट और एक एयरक्रू गोताखोर की मौत हो गई थी।