हिंदू शास्त्र में वैशाख महीने को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है। इस महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस साल अक्षय तृतीया 7 मई यानि आज है। हिंदू पंचांग गणना के अनुसार 16 साल बाद अक्षय तृतीया पर सूर्य, शुक्र, चंद्र और राहू अपने से उच्च राशि में होंगे। इसे बेहद शुभ माना गया है।
इस तिथि को जो शुभ शुभ काम किए जाते हैं उनके अक्षय फल मिलते हैं इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस पर्व को आखा तीज के नाम से भी जाना जाता है। अक्षय तृतीया पर नई चीजों की खरीदारी और सोने से बनी चीजें या आभूषण खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
इस दिन व्रत रखकर विधि विधान से पूजा-पाठ करने से न सिर्फ भगवान विष्णु जी एवं मां लक्ष्मी, बल्कि बुद्घि और विद्या का भी वरदान मिलता है। मान्यता है कि इस दिन कुबेर देवता ने देवी लक्ष्मी से धन की प्राप्ति के लिए प्रार्थना की थी, जिससे प्रसन्न होकर देवी लक्ष्मी ने उन्हें धन और सुख-समृद्धि से संपन्न किया था।
इस दिन स्नान, दान, जप, हवन आदि करने पर इनका फल अक्षय रूप में प्राप्त होता है। आखातीज के दिन ही हिंदुओं के पवित्र चारधाम तीर्थयात्रा के बद्रीनाथ और केदारनाथ के कपाट खुलने की परंपरा है। इस शुभ तिथि पर दान करने का अत्यधिक महत्व है, ऐसे में अक्षय तृतीया पर अपनी नेक कमाई से कुछ अंश अवश्य दान करें।
तमाम तरह के दान में कन्यादान का अत्यधिक महत्व माना गया है। यही कारण है कि इस दिन अक्षय तृतीया के दिन होने वाले शुभ विवाह पर लोग विशेष रूप से कन्यादान करते हैं।
पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 5.40 बजे से दोपहर 12.17 बजे तक
सोना खरीदने का मुहूर्त: सुबह 6.26 बजे से लेकर रात 11.47 बजे तक