सुखबीर बादल और हरसिमरत कौर बादल
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शिरोमणि अकाली दल राज्यसभा में तीनों कृषि विधेयकों की किस्मत से ही तय करेगा कि वह एनडीए से अपना नाता बरकरार रखेगा या तोड़ देगा। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अकाली दल इसके अलावा अपने कार्यकर्ताओं की राय भी ले रहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि अकाली दल की प्राथमिकता किसानों की हितों की सुरक्षा करना है। उसका मकसद गठबंधन में बने रहना नहीं है। पार्टी के कोर ग्रुप की इस बारे में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक भी हुई और हरसिमरत कौर बादल के केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफे के बाद अगला कदम उठाए जाने पर भी चर्चा हुई।
पार्टी के एक नेता नरेश गुजराल ने कहा, विवाह में भी असहमतियां होती हैं। इसी तरह से गठबंधन का मतलब यह नहीं है कि आपको एक-दूसरे की विचारधारा को मानना होगा। हर राजनीतिक दल अपने हितों की सुरक्षा करता है। पार्टी ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लेगी, जिससे पंजाब में माहौल और खराब हो। सरकार को इन विधेयकों को प्रवर समिति के पास भेजना चाहिए।