सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें पशुओं पर इस्तेमाल किए जाने वाले कृत्रिम प्रजनन तकनीक पर रोक लगाने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह बेहद क्रूर और अवैध तकनीक है।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने इस मामले पर विचार करने का फैसला लेते हुए केंद्र सरकार, भारत पशु कल्याण बोर्ड और अन्य को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि कृत्रिम प्रजनन तकनीक पर रोक लगाई जानी चाहिए। ये तरीका खतरनाक है और असंवैधानिक है।