BMC Elections: महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव से पहले गठबंधन दलों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। एक तरफ जहां शरद गुट ठाकरे बंधुओं के साथ चुनाव लड़ना चाह रहा है, वहीं दूसरी तरफ महायुति के घटक दल एनसीपी ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में कांग्रेस की बजाय शिवसेना (यूबीटी) और मनसे के साथ गठबंधन करने की इच्छुक है। पार्टी के एक नेता ने यह जानकारी दी। बुधवार को मुंबई में हुई बैठक में पार्टी की चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता एनसीपी (एसपी) के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने की।
एनसीपी (एसपी), कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा हैं। हालांकि पार्टी के ज्यादातर कार्यकर्ताओं का मानना है कि सेना (यूबीटी) और मनसे के साथ गठबंधन करने से पार्टी को ज्यादा फायदा होगा। एक पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी ने करीब 50 सीटों की सूची तैयार की है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) दोनों की ओर से गठबंधन का प्रस्ताव है। अंतिम फैसला तीन-चार दिनों में लिया जाएगा।
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पार्टी का रुख स्पष्ट करेंगे अजित पवार
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) जनवरी 15 को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव अकेले लड़ने के लिए तैयार है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार करेंगे। यह जानकारी एनसीपी विधायक सना मलिक ने बुधवार को दी। एनसीपी फिलहाल सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का हिस्सा है, जिसमें भाजपा और शिवसेना भी शामिल हैं। हालांकि, भाजपा ने साफ कर दिया है कि जब तक पूर्व मंत्री नवाब मलिक एनसीपी की मुंबई चुनाव प्रबंधन समिति के प्रमुख बने रहेंगे, तब तक वह बीएमसी चुनाव के लिए एनसीपी से गठबंधन नहीं करेगी।
अंतिम निर्णय अजित पवार ही लेंगे- सना मलिक
सना मलिक, जो नवाब मलिक की बेटी हैं, ने कहा कि पार्टी के सामने दो रास्ते हैं, या तो बीएमसी चुनाव अकेले लड़े या फिर महायुति के सहयोगियों (भाजपा और शिवसेना) के साथ गठबंधन करे। उन्होंने कहा कि 227 सदस्यीय बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने की तैयारी पूरी है, लेकिन अंतिम निर्णय अजित पवार ही लेंगे। उन्होंने बताया कि महायुति के सहयोगियों ने सीधे तौर पर एनसीपी से संपर्क नहीं किया है, लेकिन उनके पिता नवाब मलिक की भूमिका को लेकर आपत्ति की बात सामने आई है। सना मलिक ने यह भी कहा कि चुनाव प्रबंधन समिति सिर्फ उनके पिता तक सीमित नहीं है, पार्टी में अन्य नेता भी फैसलों में शामिल होते हैं।