महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने कहा कि पुणे में कोरोना नियंत्रण में है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। पवार ने बुजुर्गों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। इसके अलावा, पवार ने वारी जुलूस की व्यवस्था की समीक्षा भी की।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने शनिवार को कहा कि पुणे में कोविड-19 की स्थिति नियंत्रण में है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बुजुर्गों से सतर्कता बरतने की अपील की। साथ ही कहा कि बुजुर्ग भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें।
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अजित पवार पुणे जिले के संरक्षक मंत्री हैं। उन्होंने शनिवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोविड-19 के 102 नए मामले सामने आए। इनमें से 31 पुणे में थे।
स्वास्थ्य मंत्री स्थिति की निगरानी कर रहे
बैठक के बाद पवार ने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुणे और पिंपरी सहित राज्य में कुछ मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्थिति नियंत्रण में है। स्वास्थ्य मंत्री स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ में उठाए जाने वाले कदमों के बारे में अधिकारियों के साथ बैठक की गई। पवार ने आगे कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, उन्होंने बुजुर्गों से अपील की है कि वह सतर्कता बरतें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
वारी जुलूस की व्यवस्था की समीक्षा भी की
पवार ने पंढरपुरी में 'वारी' जुलूस की व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर साल संत तुकाराम महाराज और संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालकी पुणे जिले से होकर गुजरती है। राज्य सरकार ने 'वारी' के लिए धन आवंटित किया है। इस साल तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। घाट से गुजरते समय वारकरियों (तीर्थयात्रियों) को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए दिवे घाट पर काम चल रहा है। 'पालकी' मार्ग पर होर्डिंग और विज्ञापन हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
18 जून को पुणे से शुरू होगी वारी तीर्थयात्रा
गौरतलब है कि पंढरपुर के लिए आषाढ़ी 'वारी' तीर्थयात्रा 18 जून को पुणे से शुरू होगी। संत तुकाराम महाराज की 'पालकी' 18 जून को देहू से अपनी यात्रा शुरू करेगी, जबकि संत ज्ञानेश्वर महाराज की 'पालकी' 19 जून की शाम को आलंदी से प्रस्थान करेगी।