महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले का बदला लिया जाएगा। पूरा देश यही चाहता है। इसके अलावा पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती न करने पर हुई गर्भवती महिला की मौत के मामले में उन्होंने कहा कि इसने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में विसंगतियों और असंवेदनशीलता को उजागर किया है।
पुणे में राज्य परिवार कल्याण भवन एवं प्रशिक्षण केंद्र के शिलान्यास समारोह और 43 नए आपला दवाखाना क्लीनिकों के उद्घाटन मौके पर डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि भारतीय सेना जम्मू एवं कश्मीर में मंगलवार को हुए हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगी।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हमले में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। इनमें महाराष्ट्र के छह लोग भी शामिल हैं। पूरे देश में यह भावना है कि हमले का बदला लिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने जैसे कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और पाकिस्तान के साथ सभी संबंध तोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कायरतापूर्ण हमले में निर्दोष पर्यटक मारे गए। सभी ने इस कृत्य की निंदा की है और इसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमारी भारतीय सेना इस कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को खत्म कर देगी।
चिकित्सा सेवा को मजबूत कर रही सरकार
दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल द्वारा 10 लाख रुपये जमा कराने की मांग को लेकर कथित तौर पर गर्भवती महिला को भर्ती करने से इनकार करने के बाद उसकी मौत के मामले में अजित पवार ने कहा कि राज्य सरकार आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। साथ ही ऐसी नीति लागू करने की योजना बना रही है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को उपचार देने से मना न किया जाए।
महिला की मौत को हृदय विदारक बताते हुए पवार ने कहा कि इस घटना से उसके परिवार को अपूरणीय पीड़ा पहुंची है और समाज की अंतरात्मा को गहरा आघात पहुंचा है। यह प्रकरण सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में जारी विसंगतियों और असंवेदनशीलता को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। जांच शुरू कर दी गई है। हमें प्रारंभिक रिपोर्ट मिल चुकी है और जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य सिर्फ जिम्मेदारी तय करना नहीं है बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। राज्य सरकार मृतक महिला के परिवार को न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना हमारा कर्तव्य है। हमने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। निजी अस्पतालों के लिए नियम और कानून और कड़े किए जाएंगे। हम आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत कर रहे हैं। सरकार समय पर और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने के लिए 'हेल्थकेयर रिस्पांस ट्रैकर' लागू करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीजों की सहायता के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और त्वरित प्रतिक्रिया टीम होगी। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, चिकित्सा शिक्षा मंत्री और वह स्वयं मानते हैं कि स्वास्थ्य सेवा सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि एक सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी है।
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