ओडिशा पुलिस ने नवंबर 2024 में भर्ती अभियान के दौरान अग्निवीर अभ्यर्थियों से जबरन वसूली करने के आरोप में खुर्दा जिले में दो सेवारत नौसेना कर्मियों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सत्यम चाहर के रूप में हुई है, जो वर्तमान में आईएनएस केसरी, अंडमान और निकोबार में कार्यरत हैं। इसके अलावा विनय कुमार रे वर्तमान में आईएनएस चिलिका में तैनात हैं और सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी भूषण उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोपों के तहत मामला दर्ज
तीनों को आईएनएस चिल्का में प्रशिक्षण पत्राचार अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर अद्वितीय सिंह की ओर से 19 अप्रैल को बालूगांव पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया। धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया।
'शेष दो को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा'
खुर्दा एसपी सागरिका नाथ ने बताया कि गिरफ्तार तीनों पर अग्निवीर के उम्मीदवारों से पुलिस सत्यापन, शारीरिक परीक्षण और नौकरी दिलाने में सहायता का वादा करके बड़ी रकम वसूलने का आरोप है। उन्होंने कहा, 'हमने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और घोटाले में कथित रूप से शामिल दो अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं। उम्मीद है कि शेष दो को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।'
लेन-देन के सबूत और बैंक दस्तावेज जब्त किए
उन्होंने कहा कि पुलिस ने नौसेना को यह सत्यापित करने के लिए सूचित किया है कि क्या कोई उम्मीदवार धोखाधड़ी करके अग्निवीर में शामिल हुआ है। एसपी ने कहा कि पुलिस ने अपनी जांच के दौरान कई लेन-देन के सबूत और बैंक दस्तावेज जब्त किए हैं।
झूठे वादे करके नौकरी चाहने वालों से बड़ी रकम वसूल रहे थे
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी नौसेना में नौकरी दिलाने के झूठे वादे करके नौकरी चाहने वालों से बड़ी रकम वसूल रहे थे। घोटाले के सटीक नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी जांच के दौरान कुछ लेन-देन के सबूत और बैंक दस्तावेज भी जब्त किए हैं।
रैकेट में दो और लोगों के शामिल होने का संदेह
एसपी ने कहा, 'खुफिया जानकारी के अनुसार इस रैकेट में दो और लोगों के शामिल होने का संदेह है। पुलिस ने अब तक धोखाधड़ी की गतिविधियों से जुड़े 12 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।'