पूर्वोत्तर राज्य असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) के प्रमुख और इत्र व्यापारी बदरुद्दीन अजमल चुनावों के ऐलान के बाद से ही किंगमेकर होने का दावा कर रहे थे। लेकिन उनको तगड़ा झटका लगा है। वे अपनी ही सीट नहीं बचा सके हैं। उनकी पार्टी को पिछले विधानसभा चुनाव जितनी सीटें भी नहीं मिल सकीं हैं।
अजमल शुरू से ही भाजपा के विरोधी रहे हैं। वे बार-बार कांग्रेस के साथ गठजोड़ की वकालत करते थे। लेकिन भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन को मिले भारी बहुमत ने उनकी तमाम उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बीते विधानसभा चुनावों में अजमल की पार्टी को 18 सीटें मिली थीं।
अबकी उन्होंने 74 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे और उनका दावा कम से कम 30 सीटों पर जीतने का था। हालांकि मतदाताओं ने इसबार उन्हें पूरी तरह नकार दिया है। इससे साफ है कि महज अल्पसंख्यक वोटों के सहारे मैदान में उतरने वाले अजमल का जादू अब फीका पड़ने लगा है।