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Civil Aviation: पहलगाम पर तनाव, पाकिस्तानी एयरस्पेस बंद; परेशान भारतीय एयरलाइंस कंपनियां सरकार के पास पहुंचीं

Thu, 01 May 2025 11:03 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहलगाम आतंकी हमले के बाद तनाव के कारण पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। अगर ये जारी रही, तो भविष्य में यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय टिकटों के लिए ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। एयरलाइंस कंपनियां बढ़े हुए खर्च को धीरे-धीरे टिकट की कीमत में शामिल कर सकती हैं। हालांकि अभी मंत्रालय और कंपनियां स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही हैं ताकि यात्रियों पर सीधा बोझ न पड़े।
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किंजरापु राम मोहन नायडू, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री - फोटो : X @MoCA_GoI
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विस्तार
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पाकिस्तान की तरफ से अपने हवाई क्षेत्र को भारत के लिए बंद करने के बाद भारतीय एयरलाइंस की चिंता बढ़ गई है। इस मुद्दे को लेकर एयरलाइंस कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंपे हैं। मंत्रालय अब इस स्थिति का गहराई से आंकलन कर रहा है और इसका हल निकालने के प्रयास में जुटा है। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में मंत्रालय ने एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी कंपनियों के साथ बैठक की। इसमें पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने के असर पर चर्चा हुई और एयरलाइंस से सुझाव मांगे गए कि इस संकट से कैसे निपटा जा सकता है।
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एयर इंडिया का भारी खर्च बढ़ने का अनुमान
एयर इंडिया ने मंत्रालय को बताया कि अगर पाकिस्तान का एयरस्पेस एक साल तक बंद रहता है, तो कंपनी पर करीब 600 मिलियन डॉलर (लगभग 5,000 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त खर्च पड़ेगा। एयर इंडिया ने सरकार से इस नुकसान को कम करने के लिए किसी तरह की वित्तीय सहायता देने की भी अपील की है। कंपनी फिलहाल वैकल्पिक रूट यानी नए रास्तों के जरिए उड़ानों की लागत कम करने के उपाय तलाश रही है, ताकि ज्यादा खर्च से कुछ राहत मिल सके।

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हर हफ्ते 77 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च
एयरस्पेस बंद होने का असर सिर्फ एयरलाइंस पर नहीं बल्कि यात्रियों पर भी पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, खासतौर पर उत्तर भारत के शहरों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करने वाली कंपनियों पर हर हफ्ते करीब 77 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि अब विमानों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे ईंधन की खपत और उड़ान का समय दोनों बढ़ गए हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से भारतीय एयरलाइंस का महीने भर का अतिरिक्त खर्च 306 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है।

किराए भी हो सकते हैं महंगे
नागर विमानन मंत्रालय स्थिति की बारीकी से समीक्षा कर रहा है। मंत्री के राममोहन नायडू ने 28 अप्रैल को कहा था कि सरकार एयरलाइंस के साथ मिलकर समाधान तलाश रही है। मंत्रालय यह भी देख रहा है कि बढ़े हुए ऑपरेशनल खर्च की वजह से कहीं यात्रियों को भी ज्यादा किराया न चुकाना पड़े। संभावना है कि अगर स्थिति लंबी चली तो टिकट के दाम बढ़ सकते हैं।

क्यों बंद हुआ एयरस्पेस?
24 अप्रैल को पाकिस्तान ने भारतीय एयरलाइंस के लिए अपने हवाई मार्ग को बंद कर दिया। जवाब में भारत ने भी 30 अप्रैल को पाकिस्तानी विमानों के लिए भारतीय एयरस्पेस बंद करने का फैसला किया। यह कदम कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद उठाए गए हैं। इस हमले में कम से कम 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसका असर अब हवाई यात्रा पर भी साफ दिख रहा है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर ज्यादा असर
एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर जैसी कंपनियां अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती हैं। इनमें से कई उड़ानें पाकिस्तान के ऊपर से होकर यूरोप, मिडिल ईस्ट और अमेरिका जाती हैं। अब एयरस्पेस बंद होने की वजह से इन विमानों को लंबा रास्ता चुनना पड़ रहा है — जैसे अफगानिस्तान, ईरान या साउथ इंडियन ओशन की ओर से होकर जाना। इससे उड़ानों की लंबाई औसतन 30 मिनट से लेकर 90 मिनट तक बढ़ गई है, जिससे ईंधन खर्च और कर्मचारियों का समय दोनों बढ़ रहे हैं।
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एयरलाइंस ने मांगी राहत
सूत्रों के मुताबिक, एयरलाइंस ने मंत्रालय से राहत के तौर पर टैक्स में छूट, फ्यूल सरचार्ज में कटौती और वित्तीय सहायता जैसे सुझाव दिए हैं। एयर इंडिया ने विशेष तौर पर कहा है कि लंबे समय तक अगर यह स्थिति बनी रही तो एयरलाइंस को भारी आर्थिक नुकसान होगा, जिसे सरकारी मदद से ही कुछ कम किया जा सकता है। फिलहाल इस मुद्दे पर एयरलाइंस कंपनियों ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

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