लंदन से दिल्ली की उड़ान से पहले निर्धारित समय पर एक महिला यात्री के रिपोर्ट नहीं करने के कारण उसे विमान में सवार नहीं होने देने के मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने जेट एयरवेज पर भारी जुर्माना लगाया है। इस मामले में शीर्ष उपभोक्ता आयोग ने केंद्र सरकार और उड्डयन नियामक से एक तार्किक नीति बनाने को भी कहा है। आयोग ने कहा कि एयरलाइंस के क्षमता से अधिक टिकट बेच देने के कारण यात्रियों को उत्पीड़ित किया जाता है।
एनसीडीआरसी की बीसी गुप्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने जेट एयरवेज को कोलकाता की महिला यात्री राधा किनकारी केजरीवाल को करीब 42000 रुपये का मुआवजा और टिकट के 83292 रुपये लौटाने को कहा। केजरीवाल की शिकायत के मुताबिक नौ दिसंबर 2009 को वह लंदन-दिल्ली उड़ान के निर्धारित समय से 70 मिनट पहले हवाईअड्डे पर पहुंच गई थीं, लेकिन उन्हें बोर्डिंग पास जारी नहीं किया गया। उनसे कहा गया कि उनको निर्धारित समय से 90 मिनट पहले रिपोर्ट करना चाहिए था।
आयोग ने यह भी पाया कि एयरलाइंस ने क्षमता से अधिक टिकट बेचा था जिससे कि यदि कोई यात्री निर्धारित समय तक रिपोर्ट नहीं करता है तो उस कारण विमान में सीटें खाली न रहे। पीठ ने कहा कि एयरलाइंस की इस नीति से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐेसे में उड्डयन नियामक को इस मामले का विस्तृत अध्ययन करने की जरूरत है। आयोग ने फैसले की एक प्रति नागरिक उड्डयन विभाग के सचिव और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को भी भेजा है।