अगर आपको आने वाले दिनों में उड़ान भरनी है, तो एक बार हवाई टिकट की कीमतें चेक कर लें, क्योंकि इन दिनों देश के प्रमुख हवाई मार्गों के किराए में 38 से 40 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ये किराए उन रूट पर बढ़े हैं, जहां विस्तारा एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें फिलहाल रद्द कर दी हैं।
हवाई टिकट बुक करने वाली निजी एजेंसी के द्वारा उपलब्ध कराए आंकड़ों के मुताबिक, विमानन कंपनी विस्तारा ने जिन रूटों पर अपनी उड़ानें रद्द की थीं, उनका किराया तेजी से बढ़ रहा है। बेंगलुरु-उदयपुर मार्ग पर दो अप्रैल को औसत हाजिर किराया करीब 38 फीसदी बढ़कर 6,049 रुपये हो गया, जो 5 मार्च को 4,368 रुपये ही था। दिल्ली-श्रीनगर मार्ग पर दो अप्रैल को हवाई किराया पांच मार्च के किराये की तुलना में करीब 30 फीसदी तक बढ़ गया था। बेंगलुरु-उदयपुर मार्ग पर किराये में ज्यादा बढ़ोतरी इसलिए भी हुई, क्योंकि दोनों शहरों के बीच रोजना केवल दो उड़ानें (विस्तारा और इंडिगो) हैं। इसके अलावा दिल्ली-इंदौर, दिल्ली-श्रीनगर, मुंबई-कोच्चि, मुंबई से श्रीनगर और दिल्ली से मुंबई के किराए में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
दरअसल, विस्तारा एयरलाइंस का यह मामला गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से ठीक पहले आया है। आमतौर पर इस दौरान फ्लाइट्स की कमी का सामना करना पड़ता है, जिससे टिकट महंगे हो जाते हैं। यही नहीं, अभी इंडिगो के 75 विमान उनमें लगे प्रैट एंड व्हिटनी कंपनी के इंजनों में दिक्कतों के चलते उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। जबकि पिछले वर्ष ही मई में वित्तीय दिक्कतों के चलते गो एयर ने भी अपनी उडाने बंद कर दी थीं। स्पाइसजेट की फ्लाइट्स की संख्या में भी कमी आई है। इन कंपनियों को बोइंग और एयरबस की ओर से भी वादे के मुताबिक नए विमानों की सप्लाई नहीं हो रही है। इसलिए हवाई क्षेत्र पर पहले से ही दबाव बना हुआ है।
तीन दिन में 150 उड़ानें हुईं रद्द
विस्तारा का यह संकट पिछले सप्ताह के अंत में उभरकर सामने आया, जब उसके सभी पायलट अवकाश पर चले गए। इसके बाद कंपनी को रोजाना की उड़ानों को संचालित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे पहले सोमवार एक अप्रैल को कंपनी ने अपनी करीब 80 उड़ानें रद्द कीं। वहीं लगभग 90 उड़ानों में देरी हुई। कंपनी की डेली शेड्यूल फ्लाइट्स की संख्या करीब 300 है। मतलब इस सप्ताह के पहले दिन से विस्तारा की आधी से ज्यादा उड़ानें प्रभावित होने लग गईं। मंगलवार को विस्तारा की 50 और बुधवार को 26 उड़ानें रद्द हुईं। पहले तीन दिन में रद्द उड़ानों का आंकड़ा 150 के पार निकल गया है। जानकारी के अनुसार, विस्तारा एयरलाइंस का संकट जल्द ही खत्म हो सकता है। इस हफ्ते के अंत तक एयरलाइंस की उड़ानें भी सामान्य हो सकती हैं। विस्तारा एयरलाइंस ने ही इसके संकेत दिए हैं।
डीजीसीए की घटनाक्रम पर है नजर
डीजीसीए की भी इस पूरे मामले पर नजर है। यही वजह है कि डीजीसीए ने विस्तारा एयरलाइंस से बड़ी संख्या में फ्लाइट्स कैंसिल होने पर जवाब मांगा था। साथ ही डीजीसीए ने पायलट्स के विरोध को देखते हुए नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियमों को लागू करने पर फिलहाल रोक लगा दी है और इन पर और चर्चा करने को कहा है। नए नियम 1 जून से लागू होने थे।
विस्तारा एयरलाइंस के सीईओ विनोद कानन और कई अन्य शीर्ष अधिकारियों ने बुधवार की शाम पायलटों और अन्य स्टाफ के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में नए कॉन्ट्रैक्ट और रोस्टर के मुद्दे पर बात हुई। कंपनी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बैठक के बाद पायलट भी सहयोग के लिए तैयार हैं। विस्तारा एयरलाइंस का एयर इंडिया के साथ विलय मई तक होने की उम्मीद है।