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वायुयान विधेयक संसद से पारित, नियम तोड़ने पर अब जुर्माना 10 लाख से बढ़कर एक करोड़

Wed, 16 Sep 2020 06:09 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एयरक्राफ्ट संशोधन बिल राज्यसभा से पास - फोटो : पेक्सेल्स
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देश में विमानन सुरक्षा रेटिंग में सुधार लाने और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) सहित अन्य नियामक संस्थानों को वैधानिक दर्जा देने वाले वायुयान संशोधन विधेयक 2020 को मंगलवार को संसद की मंजूरी मिल गई। विधेयक में नए नियमों के उल्लंघन के लिए कठोर दंड के तौर पर जुर्माना राशि 10 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने का भी प्रावधान है।

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लोकसभा में बजट सत्र के दौरान पास यह विधेयक राज्यसभा में चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित हो गया। कांग्रेस, एनसीपी और टीएमसी समेत विपक्ष के विरोध के बावजूद सरकार ने इसे पास करा लिया। अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। विधेयक में सशस्त्रबलों से संबंधित विमानों को वायुयान कानून-1934 के दायरे से बाहर रखने का भी प्रावधान है। राज्यसभा में विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, विधेयक का सबसे जरूरी हिस्सा डीजीसीए, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) को वैधानिक दर्जा देना है। इन संस्थानों को ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तीनों नियामकों के लिए एक महानिदेशक की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है।



109 हवाई अड्डे हैं, पांच साल में 100 और बनेंगे
विधेयक पर चर्चा के दौरान पुरी ने कहा, दो साल में अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरे नंबर का क्षेत्र हो जाएगा। एयर इंडिया के निजीकरण को लेकर विपक्ष की चिंता पर पुरी ने कहा, 2006 में मुंबई और दिल्ली जैसे दो हवाईअड्डों का निजीकरण हुआ। इसके बाद भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) को 29,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इससे न सिर्फ इन दो हवाईअड्डों बल्कि देश के अन्य हवाईअड्डों के आधारभूत ढांचे को विकसित करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, फिलहाल देश में 109 हवाईअड्डे परिचालन में हैं। अगले पांच वर्षों में 100 अतिरिक्त हवाईअड्डे निर्मित किए जाएंगे।
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पांच वर्ष में दोगुने हुए हवाई यात्री
पुरी ने कहा, सरकार हवाई यात्रा सुरक्षित, सुलभ और सस्ती करना चाहती है। साथ ही यह भी सुनिश्चत करना चाहती है कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो। उन्होंने कहा, इस वर्ष के अंत तक सामान्य रूप से उड़ानों का संचालन शुरु हो जाने की उम्मीद की जा रही है। मंत्री ने कहा, कुछ वर्षों में हवाई यात्रियों और मालवहन में वृद्धि हुई है। पांच वर्षों में हवाई यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गयी है।

तीन वर्ष में 1000 यात्रा नियंत्रक नियुक्त
पुरी ने कहा, सरकार का प्रयास हवाईअड्डों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने तथा हवाई सेवाओं का विस्तार करने का है। पिछले तीन वर्षों में 1000 हवाई यात्रा नियंत्रकों की भर्ती की गई। पुरी ने कहा, एयर इंडिया को निजीकरण की दृष्टि से नहीं, बल्कि उसके 60,000 करोड़ रुपये के बकाया ऋण और उसे खत्म करने के उद्देश्य से देखा जाना चाहिए।

सरकार ने अपने विभागाें की नहीं मानी : कांग्रेस
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने केंद्र सरकार को जमकर घेरा। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया, यह पीपीपी मॉडल हवाई अड्डे को विकसित करने के नाम पर घोटाला है। उन्होंने कहा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया अब एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ अडानी बन गया है। एक निजी कंपनी को एक साथ इतने हवाई अड्डे सौंपना मानदंडों का उल्लंघन है। सरकार ने अपने ही कुछ मंत्रालयों और विभागों की सलाह को नजरअंदाज कर दिया। एनसीपी सांसद प्रफुल्ल पटेल ने कहा, बढ़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए नए हवाई अड्डों और वायु सेवा एजेंसी की जरूरत है। उन्होंने कहा, पहले से स्वीकृत हवाई अड्डे बने नहीं हैं।

सरकार एयर इंडिया बेचे नहीं : तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिनेश त्रिवेदी ने कहा, वंदे भारत मिशन में तमाम भारतीयों की घर वापसी एयर इंडिया के कारण हो पाई। केंद्र सरकार यदि चाहे तो एयर इंडिया के मूल स्वरूप में बदलाव कर दे, पर एयर इंडिया को बेचे नहीं।

बीजद का संशोधन प्रस्ताव खारिज
बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद प्रसन्न आचार्य ने अध्यादेश में संशोधन पेश किया जो खारिज हो गया। उन्होंने कहा, विमान हादसों की जांच की 2017 से 2018 के मध्य आई आडिट रिपोर्ट में भारत के सुरक्षा स्कोर में गिरावट आई थी। ऐसे में नियामकों को वैधानिक दर्जा देने के साथ ही उन्हें स्वायत्त बनाना चाहिए था।

विधेयक सकारात्मक बदलाव के लिए : भाजपा
भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, यह बिल विमानन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव के लिए है, जिससे यात्रियों के आवागमन में वृद्धि हुई है। पिछले छह सालों में नागरिक उड्डयन क्षेत्र में तमाम बदलाव और आधुनिकीकरण किए गए हैं। 50 जगहों से विमान सेवा शुरू हुई है।
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