केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से पता चलता है कि दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 27 अक्तूबर से तीन नवंबर के बीच 200 अंकों से अधिक बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप शुक्रवार को यह गंभीर प्लस श्रेणी (450 से ऊपर) में पहुंच गया। हालांकि, हर दिन शाम चार बजे दर्ज किया जाने वाला 24 घंटे का औसत एक्यूआई शुक्रवार के 468 से मामूली सुधार के साथ शनिवार को 415 हो गया।
सीटीआई के चेयरपर्सन बृजेश गोयल ने कहा कि प्रदूषण के कारण त्योहारी सीजन के बावजूद कारोबार में गिरावट आ रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा कि केंद्र सरकार से अनुरोध है कि वह सभी सरकारों के साथ मिलकर वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्त और ठोस कदम उठाए अन्यथा व्यापार को नुकसान होगा।
गोयल ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता 'गंभीर श्रेणी' में है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण केवल दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान अकेले दिल्ली सरकार के हाथ में नहीं है। जब तक हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और पंजाब की सरकारें मिलकर काम नहीं करेंगी, तब तक प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं हो सकता।
उन्होंने आगे बताया कि सीटीआई ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर आपात बैठक बुलाने की मांग की है, जिसमें दिल्ली सरकार, हरियाणा सरकार, पंजाब सरकार, यूपी सरकार, राजस्थान के मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री को हिस्सा लेना चाहिए। गोयल ने कहा कि वायु प्रदूषण से कारोबार प्रभावित होगा क्योंकि दिवाली आ रही है और 23 नवंबर से यहां शादियों का सीजन भी शुरू हो जाएगा।
उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हर दिन तीन से चार लाख लोग खरीदारी के लिए आते थे और प्रदूषण के कारण उनकी संख्या घटकर एक लाख रह गई है।