इस तरह की खबरे हैं कि भारत बड़े भगोड़े आर्थिक अपराधियों को देश वापस लाने की कोशिश कर रहा है। इसी बीच पता चला है कि एयर इंडिया को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 787-8 विमान को ऑपरेट करने की मंजूरी दे दी है। जिससे कि दिल्ली और त्रिनिडाड एंड टोबैगा के पोर्ट ऑफ स्पेन के बीच विशेष नॉन-स्टॉप उड़ान संचालित की जा सके।
विमानन नियामक से मंजूरी ऐसे समय पर मिली है जब इस तरह की बातों के अटकले तेज हैं कि भारत एक हाई प्रोफाइल आर्थिक भगोड़े को देश वापस लाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि इस बात की कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। एयरलाइन ने बी787 ड्रीमलाइनर को दिल्ली से यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया जाने वाले मीडियम हॉल रूट्स (विमान के रुकने वाले स्थानों) पर तैनात किया है।
सूत्रों का कहना है कि डीजीसीए ने एयर इंडिया के अनुरोध को बिना किसी शक के मंजूरी दे दी क्योंकि यह अकेली ऐसी भारतीय एयरलाइन है जो कई सालों से लंबी दूरी की उड़ानों का संचालन कर रही है। दिल्ली से पोर्ट ऑफ स्पेन के बीच की उड़ानों में साढ़े सोलह से 17 घंटे का समय लगने की उम्मीद है। इसके लिए एयर इंडिया ने बोइंग विमान 787-8 को तैनात किया है।
एयर इंडिया को वेस्टइंडीज जाने वाली स्पेशल फ्लाइट के लिए डीजीसीए के क्लीयरेंस की जरूरत थी। पता चला है कि विशेष विमान में 13 केबिन क्रू और पायलटों के तीन सेट को जाने की इजाजत होगी। तीन सेटों में को-पायलट भी शामिल होंगे जो यात्रा के दौरान पायलटों की जगह विमान का संचालन करेंगे। ठीक इसी तरह का अभ्यास एयर इंडिया ने दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को और मुबंई-न्यूय़र्क रूट पर भी अपनाया है।
पोर्ट ऑफ स्पेन विमान के लैंड करने के बाद क्रू को 12 घंटों का आराम मिलेगा। जिसका समय उनके होटल के कमरे में जाने से लेकर चेक आउट तक होगा। इसी वजह से क्रू की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पोर्ट ऑफ स्पेन में ठहरने का समय 14.5 घंटे होगा। 2.5 घंटे को एयरपोर्ट से होटल आने-जाने के लिए रखा गया है।