एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत आने वाले यात्रियों के लिए कोविड-उपयुक्त व्यवहार के प्रतिपालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए। दिशा-निर्देश में सलाह दी गई है कि सभी आगंतुकों को उनके देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण की अनुमोदित प्राथमिक अनुसूची के अनुसार पूरी तरह से प्रतिरक्षित होना चाहिए। यात्रा करते समय बरती जाने वाली अन्य सावधानियों में मास्क का उपयोग और शारीरिक दूरी शामिल हैं।
आगंतुकों के लिए पूरी तरह से टीकाकरण जरूरी
एयर इंडिया एक्सप्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया है कि सभी आगंतुकों को उनके देश में कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण के लिए स्वीकृत प्राथमिक कार्यक्रम के अनुसार पूरी तरह से टीका लगा होना चाहिए। सभी को मास्क का उपयोग करना चाहिए और उड़ानों या यात्रा के दौरान और प्रवेश के सभी बिंदुओं पर शारीरिक दूरी का पालन करना चाहिए। दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आगमन के बाद रैंडम कोविड टेस्ट (Random Testing) की आवश्यकता नहीं है।
12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को रैंडम कोविड टेस्ट से छूट
प्रोटोकॉल के अनुसार, बच्चों को केवल परीक्षण से गुजरना होगा और उपचार प्राप्त करना होगा यदि उनमें यहां आने के बाद या स्व-निगरानी के दौरान कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं। एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को आगमन के बाद रैंडम कोविड टेस्ट से छूट दी गई है। हालांकि, अगर उनमें आगमन पर या स्व-निगरानी की अवधि के दौरान कोविड-19 के लक्षण पाए जाते हैं, तो उनका परीक्षण किया जाएगा और प्रोटोकॉल के अनुसार उनका इलाज किया जाएगा।
एयर इंडिया एक्सप्रेस का मुख्यालय केरल के कोच्चि में है। यह विशेष रूप से भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय बजट वाहक है, जो मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। यह एयर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड द्वारा संचालित किया जाता है और भारत के राष्ट्रीय वाहक एयर इंडिया के पूर्ण स्वामित्व वाला डिवीजन है।
देश में 24 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए रैंडम टेस्ट लागू
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने गुरुवार को कहा था कि इंटरनेशनल उड़ानों से आने वाले कुछ यात्रियों का शनिवार (24 दिसंबर) से रैंडम टेस्ट किया जाएगा। इसके अलावा फ्लाइट के कुल यात्रियों में से कम से कम दो फीसदी यात्रियों का रैंडम टेस्ट भी किया जाएगा। उड्डयन मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि एयरलाइंस कंपनी तय करेगी कि किन यात्रियों का कोरोना टेस्ट होगा। अलग-अलग देशों से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी टेस्टिंग में शामिल किया जाएगा। एडवाइजरी के मुताबिक, इन यात्रियों का सैंपल लेकर उन्हें हवाई अड्डे से जाने की अनुमति दी जाएगी। बयान में कहा गया कि रैंडम टेस्ट के बाद अगर कोई यात्री कोविड संक्रमित पाया जाता है, तो उनके सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे। बयान के अनुसार, इंटरनेशनल यात्रियों के लिए यह व्यवस्था 24 दिसंबर से सुबह 10 बजे से लागू कर दी गई है।
पिछले हफ्ते लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमेरिका सहित विभिन्न देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के हालिया उछाल के बीच सरकार ने देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आने वाले यात्रियों के बीच रैंडम आरटी-पीसीआर सैंपलिंग शुरू की है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी कोविड-19 महामारी के मद्देनजर 'अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए दिशा-निर्देश' जारी किए और कहा कि समय-समय पर दिशा-निर्देशों की समीक्षा और संशोधन किया जाएगा।