Air India Express: डीजीसीए की फटकार के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने विमान इंजन पार्ट बदलने में देरी और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की बात मानी है। एयरलाइन ने इसे तकनीकी खामी बताते हुए सुधार और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई का दावा किया है। यह चूक जून के भीषण ड्रीमलाइनर हादसे से पहले की थी, जिसमें 241 लोगों की जान गई थी।
विमानन नियामक संस्था डीजीसीए की कड़ी फटकार के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुक्रवार को माना कि उसने अपने एयरबस ए320 विमान के इंजन पार्ट बदलने में देरी की थी और इस बात को रिकॉर्ड से छिपाया भी था। एयरलाइन ने कहा कि अब समस्या दूर कर दी गई है और सुधार तथा रोकथाम संबंधी कदम उठाए गए हैं।
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एयरलाइन ने बताया कि मई 2023 में यूरोपीय वायु सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने इसके बेड़े के दो इंजन पर 'एयरवर्थिनेस' निर्देश जारी किया था। पहले इंजन पर समय पर बदलाव कर दिया गया था, लेकिन दूसरे इंजन पर 'रिकॉर्ड माइग्रेशन' की तकनीकी समस्या के कारण बदलाव छूट गया।
एयरलाइन ने कहा कि जैसे ही इसे मालूम हुआ, तकनीकी टीम ने तुरंत आवश्यक बदलाव किए और दूसरा इंजन भी समय पर अनुपालन के दायरे में ले लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि गलती स्वीकार कर इसे सही किया गया और डीजीसीए द्वारा जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई है।
मीडिया रिपोर्ट में डीजीसीए के गोपनीय दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा गया कि 2024 के एक नियमित ऑडिट में यह उल्लंघन सामने आया और मार्च में एयरलाइन को औपचारिक चेतावनी दी गई थी। दस्तावेज में यह भी कहा गया कि एयरलाइन ने एएमओएस प्रणाली में रिकॉर्ड बदलकर समय पर बदलाव दिखाया था।
यह तकनीकी चूक जून की अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया ड्रीमलाइनर दुर्घटना से पहले की घटना है, जिसमें 241 लोगों की मौत हुई थी, यह पिछले एक दशक की सबसे घातक विमान हादसा था। एयर इंडिया एक्सप्रेस वर्तमान में अपने बेड़े के विस्तार के साथ एआईएक्स कनेक्ट के साथ एकीकरण कर रही है। उसने दोहराया है कि वह उच्चतम सुरक्षा और नियामक अनुपालन मानकों का पालन करती रहेगी।