फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसएफ: फील्ड कमांडर्स सम्मेलन में एडीजी महेश कुमार बोले- चुनौतियों के लिए तैयार रहें

Fri, 04 Jul 2025 10:01 PM IST
राहुल कुमार अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त महानिदेशक, पूर्वी कमान आईपीएस महेश कुमार अग्रवाल ने सीमा क्षेत्रों में बीएसएफ की अपराध नियंत्रण और स्थानीय नागरिकों के प्रति सेवा भावना की सराहना करते हुए सभी कमांडरों से आह्वान किया कि वे सीमा की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।
विज्ञापन
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्वी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक, आईपीएस महेश कुमार अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पूर्वी कमान के अतिरिक्त महानिदेशक, आईपीएस महेश कुमार अग्रवाल शुक्रवार क्षेत्रीय कमांडरों को निर्देश दिया कि वे सभी संभावित परिचालन एवं लॉजिस्टिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार रहें। उन्होंने बांग्लादेश सीमा पर भूमि अधिग्रहण मामलों को मिशन मोड में निपटाने और बिना बाड़ वाली सीमाओं पर प्राथमिकता से बाड़ लगाने के कार्य को पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने सीमाओं की रक्षा में तकनीकी आधुनिकीकरण, स्थानीय सहभागिता और अनुकूल नेतृत्व के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह बात यहां शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के विशेष महानिरीक्षक (पूर्वी कमान) मुख्यालय, कोलकाता में एक दिवसीय फील्ड कमांडर्स सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कही।

विज्ञापन


इस अवसर पर बीएसएफ पूर्वी कमान के अंतर्गत सभी छह सीमांत मुख्यालयों और दो प्रशिक्षण संस्थानों के महानिरीक्षकों, साथ ही मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। सीमा सुरक्षा बल के मुख्यालय विशेष महानिदेशक (पूर्वी कमान) के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि सम्मेलन की शुरुआत में आईजी (ऑप्स) संजय कुमार मिश्रा ने सभी का स्वागत किया और समन्वित नेतृत्व, रणनीतिक योजना और संयुक्त कार्यवाही की महत्व को रेखांकित किया।
 
सुरक्षा में किसी तरह की कोताही नहीं बरतें
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त महानिदेशक, पूर्वी कमान आईपीएस महेश कुमार अग्रवाल ने सीमा क्षेत्रों में बीएसएफ की अपराध नियंत्रण और स्थानीय नागरिकों के प्रति सेवा भावना की सराहना करते हुए सभी कमांडरों से आह्वान किया कि वे सीमा की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। उन्होंने नवीनतम निगरानी तकनीकों को अपनाने, स्मार्ट समाधान अपनाने और भविष्य के खतरों के लिए अग्रिम सोच विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विज्ञापन

 
मणिपुर की वर्तमान परिस्थिति पर हुई विशेष चर्चा
सम्मेलन में अवैध प्रवासन, पशु तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य सीमावर्ती अपराधों पर विस्तार से चर्चा हुई। मणिपुर की वर्तमान स्थिति पर भी विशेष चर्चा हुई, जहां बीएसएफ कानून व्यवस्था की बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एडीजी ने राज्य पुलिस, खुफिया एजेंसियों और केंद्रीय बलों के साथ संयुक्त अभियानों को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने सीमावर्ती समुदायों को "वो अदृश्य प्रहरी" कहा, जो बीएसएफ की सतर्कता को और मजबूत करते हैं। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
 
पेशेवर प्रतिबद्धता की सराहना की
सम्मेलन में अपराध डेटा का गहन विश्लेषण, नई चुनौतियों की पहचान, बल के आधुनिकीकरण, अधोसंरचना, नागरिक प्रशासन से समन्वय और जवानों के कल्याण जैसे विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। एडीजी ने सभी अधिकारियों की पेशेवर प्रतिबद्धता की सराहना की और डेटा विश्लेषण की गहन सलाह दी जिससे भविष्य की चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में डीआईजी (प्रशा) जीएल मीणा आए हुए सभी अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापन किया, जिसमें उन्होंने अध्यक्ष और सभी प्रतिभागियों का राष्ट्रीय सेवा में उनकी प्रतिबद्धता और सार्थक भागीदारी के लिए आभार प्रकट किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें