विमानन कंपनी एयर इंडिया ने कॉकपिट और केबिन क्रू के वेतन में कटौती करने का फैसला किया है। एयर इंडिया के मैनेजमेंट का कहना है कि वेतन कटौती कॉकपिट और केबिन क्रू पर लागू हुई है। वेतन में 40 फीसदी तक कटौती की गई है। वहीं, दूसरी तरफ कॉकपिट क्रू यानी पायलटों का आरोप है कि उनके वेतन में 85 फीसदी तक की कटौती की गई है।
बता दें कि वर्तमान में एयर इंडिया वेतन पर हर महीने 230 करोड़ खर्च करती है। विमानन मंत्रालय और एयरलाइन के निदेशक मंडल द्वारा भत्ते को लेकर फैसला लिया गया है कि जिनका सकल मासिक वेतन 25 हजार तक है उनके वेतन में कोई कटौती नहीं होगी।
पायलटों को फ्लाइंग भत्ते और स्पेशल पे समेत कुल 11 तरह के भत्ते मिलते हैं। इसमें 40 फीसदी की कटौती की गई है। नए आदेश के तहत चालू वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में (1 अप्रैल 30 सितंबर तक) एक पायलट को फ्लाइंग भत्ते के रूप में उतना ही मिलेगा जितना वह एक महीने में उड़ान भरेगा।
कंपनी की सूची में जितने पायलट फ्लाइंग के लिए उपलब्ध होंगे, उन्हें कम से कम 20 घंटे के उड़ान का भत्ता जरूर मिलेगा। अगर कोई इससे ज्यादा उड़ान भरता है तो उसे ज्यादा पैसे मिलेंगे। यह नियम 30 सितंबर तक लागू रहेगा। केबिन क्रू को लेकर जो आदेश जारी किया गया है उसके मुताबिक फ्लाइंग समेत अन्य भत्ते में 20 फीसदी की कटौती की गई है। वे जितने घंटे काम करेंगे, उन्हें उतने पैसे मिलेंगे।
एयर इंडिया के इस फैसले पर एक वरिष्ठ पायलट ने चेयरमैन राजीव बंसल को चिट्ठी लिखकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इसे एक अप्रैल से लागू किया गया है। मतलब जो काम हमने कर लिया है अब उसमें कटौती की जा रही है। हमने देश के लिए एक मिशन (वंदे भारत मिशन) पर काम किया और उसके बदले यह इनाम मिल रहा है।
पायलटों का कहना है कि प्रति घंटे फ्लाइंग चार्ज में 50 फीसदी की कटौती की गई है। पहले कम से कम 70 घंटे काम का वादा था जिसे घटाकर 20 घंटे कर दिया गया है। इसमें 70 फीसदी की कटौती की गई है। इस तरह वर्तमान वेतन के मुकाबले हमारी कुल कटौती 85 फीसदी के करीब हो गई है।