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एयर इंडिया का ग्राउंड स्टाफ हड़ताल पर, दिल्ली-कोलकाता से मुंबई एयरपोर्ट बुलाए गए कर्मचारी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Updated Fri, 09 Nov 2018 03:11 AM IST
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एयर इंडिया - फोटो : PTI

एयर इंडिया का एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएटीएसएल) का अनुबंधित ग्राउंड स्टाफ (कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी) मुंबई एयरपोर्ट पर बीती रात से हड़ताल पर है। जिसके कारण विमानों का संचालन प्रभावित हुआ है।
 
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दिवाली बोनस नहीं दिया गया है। इस हड़ताल का असर मुंबई से आने और जाने वाली दोनों तरह की फ्लाइटों पर पड़ रहा है। एयरलाइन के अधिकारी ने बताया कि हड़ताल के कारण कम से कम 10 घरेलू एवं तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तीन घंटे तक की देरी हुई।



एआईएटीएसएल एयर इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। यह कंपनी देश में सभी हवाईअड्डों पर उड़ान के वक्त जमीन पर एयर इंडिया के विमानों के संचालन एवं सर्विसिंग से जुड़े काम और हवाईअड्डा टर्मिनल पर कामकाज देखती है। कंपनी में करीब 5,000 कर्मचारी हैं, जिनमें अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया, 'दिवाली बोनस नहीं मिलने के कारण मुंबई हवाईअड्डे पर एआईएटीएसएल के कुछ कर्मचारी बुधवार-बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात से ही हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण उड़ान सेवाओं में बाधा आई। ये सभी हालांकि अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी थे।'

एयर इंडिया की ओर से आए एक और बयान में कहा गया है कि स्थायी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगा दिया गया है। केवल सुबह के समय ही कुछ उड़ानों में देरी हुई। अब स्थिति नियंत्रण में है। बताया जा रहा है कि घरेलू उड़ानों के अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी देरी हो रही है। उन्होंने बताया, 'मुद्दा सुलझाने लिये हड़तालरत कर्मचारियों और एआईएटीएसएल प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है।'

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एयर इंडिया - फोटो : PTI
एयर इंडिया का एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएटीएसएल) का अनुबंधित ग्राउंड स्टाफ (कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी) मुंबई एयरपोर्ट पर बीती रात से हड़ताल पर है। जिसके कारण विमानों का संचालन प्रभावित हुआ है।
 
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें दिवाली बोनस नहीं दिया गया है। इस हड़ताल का असर मुंबई से आने और जाने वाली दोनों तरह की फ्लाइटों पर पड़ रहा है। एयरलाइन के अधिकारी ने बताया कि हड़ताल के कारण कम से कम 10 घरेलू एवं तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तीन घंटे तक की देरी हुई।

एआईएटीएसएल एयर इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। यह कंपनी देश में सभी हवाईअड्डों पर उड़ान के वक्त जमीन पर एयर इंडिया के विमानों के संचालन एवं सर्विसिंग से जुड़े काम और हवाईअड्डा टर्मिनल पर कामकाज देखती है। कंपनी में करीब 5,000 कर्मचारी हैं, जिनमें अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं।

अधिकारी ने बताया, 'दिवाली बोनस नहीं मिलने के कारण मुंबई हवाईअड्डे पर एआईएटीएसएल के कुछ कर्मचारी बुधवार-बृहस्पतिवार की दरम्यानी रात से ही हड़ताल पर चले गए हैं, जिसके कारण उड़ान सेवाओं में बाधा आई। ये सभी हालांकि अनुबंध पर काम करने वाले कर्मचारी थे।'

एयर इंडिया की ओर से आए एक और बयान में कहा गया है कि स्थायी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगा दिया गया है। केवल सुबह के समय ही कुछ उड़ानों में देरी हुई। अब स्थिति नियंत्रण में है। बताया जा रहा है कि घरेलू उड़ानों के अलावा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी देरी हो रही है। उन्होंने बताया, 'मुद्दा सुलझाने लिये हड़तालरत कर्मचारियों और एआईएटीएसएल प्रबंधन के बीच बातचीत जारी है।'

एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एआईएटीएसएल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली और कोलकाता से करीब 100 कर्मचारी बुलाए हैं। ताकि यात्रियों की चेकिंग में आने वाली देरी को रोका जा सके। एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों को भी  काम पर लगना पड़ा है।

इससे पहले, बुधवार रात को एयर इंडिया कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने की वजह से छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो इंटरनेशनल फ्लाइट्स में देरी हुई। बैंकॉक की फ्लाइट रात 1 बजकर 45 मिनट के अपने निर्धारित समय की जगह पर छह घंटे देरी के बाद सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर उड़ान भरी।

एक अन्य फ्लाइट का सूचीबद्ध समय रात एक बजकर तीन मिनट था जो करीब ढाई घंटे की देरी के बाद तड़के 4 बजकर 08 मिनट पर चली। बृहस्पतिवार की शाम एआईएटीएसएल निदेशक एके शर्मा भी मुंबई पहुंचे। उन्होंने ग्राउंड स्टाफ यूनियन के साथ बातचीत शुरू की है लेकिन देर शाम तक बातचीत बेनतीजा रही। 

यह है कर्मचारियों की मांग

कर्मचारियों की मांग है कि एआईएटीएसएल प्रबंधन की तरफ से कर्मचारियों के प्रति जारी अपमानजनक व्यवहार बंद हो। वर्षों से बकाया वेतन वृद्धि तत्काल लागू हो। समय पर और नियमित बोनस दिया जाए। कर्मचारियों को यातायात सुविधा मुहैया कराई जाए। महिला कर्मचारियों के साथ भेदभाव बंद हो और अवैध पद्धति से कर्मचारियों को नौकरी से निकालना बंद किया जाए। इसके अलावा सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को पुन: नौकरी पर ना रखा जाए।
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