तेंदुलकर का यह प्लान पसंद आया और फिर उन्होंने अमेरिका के बेन स्टर्नर को अपने साथ जोड़ा। स्टर्नर एक खेल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी है जबकि संजय की पहचान के जाहिर नहीं हो पाई थी। उन्होंने आगे लिखा, मैंने कहा, यह मेरी परिकल्पना है।
इसके बाद मैंने सचिन को सुझाव दिया किया कि इसके आयोजन के साथ अनुभवी लोगों को जोड़ा जाए और हम दोनों (तेंदुलकर और वॉर्न) के दो-दो प्रतिनिधि इसमें रहें। तेंदुलकर ने कहा, 'नहीं मेरे पास संजय और बेन है।' मुझे तेंदुलकर का जवाब अजीब लगा, लेकिन मैं जानता था कि सचिन और मैं मिलकर इस टूर्नामेंट को सफल बना सकते हैं।
शेन वॉर्न ने लिखा, मैं तेंदुलकर को 25 साल से जानता हूं और मैदान के बाहर उनका काम काबिल-ए-तारीफ है। इसलिए मुझे लगा कि उनका व्यवसायिक पक्ष ठीक तरह संगठित होगा। हालांकि बाद में मुझे इसके लिए पछताना पड़ा।