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जब मैदान के बाहर इस वजह से भिड़ गए थे तेंदुलकर-वॉर्न, 'नो स्पिन' में पूर्व क्रिकेटर का खुलासा

Thu, 08 Nov 2018 10:22 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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शेन वॉर्न - फोटो : getty
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सचिन तेंदुलकर-शेन वॉर्न के बीच मैदान-ए-जंग किसी से छुपी नहीं है। हालांकि मैदान के बाहर दोनों एक दूसरे को काफी सम्मानभरी नजरों से देखते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज के मुताबिक 2015-16 में अमेरिका में हुए प्रदर्शनी मैचों को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो गया था।

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वॉर्न ने अपनी आत्मकथा 'नो स्पिन' में जिक्र किया कि उनके और तेंदुलकर की परिकल्पना से एक सालाना टूर्नामेंट शुरू किया गया लेकिन उसके प्रबंधन को लेकर दोनों के बीच मतभेद के कारण पहले सत्र के बाद इसका आयोजन नहीं हो सका।

इस बारे में पर जब उन्होंने सचिन से संपर्क किया तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। वार्न ने लीजेंड्स प्रदर्शनी मैचों का जिक्र किया है जिसका आयोजन 2015 में न्यूयॉर्क, ह्यूस्टॉन और लॉस एंजिलिस में हुआ था जिसमें ब्रायन लारा, ग्लेन मैक्ग्रा और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों ने खेला था।
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वॉर्न ने अपनी किताब में लिखा कि तेंदुलकर ने इस टूर्नामेंट का पूरा खर्चा उठाया, लेकिन वह उन लोगों से प्रभावित नहीं थे जिन्हें तेंदुलकर ने प्रबंधन के लिए चुना था। उन्होंने लिखा, तेंदुलकर संजय नाम के एक व्यक्ति को लेकर आये थे जो मेंटोर और व्यवसायिक सलाहकार थे। मैंने उन्हें अपनी परिकल्पना बताई और स्लाइड शो दिखाया।

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शेन वॉर्न - फोटो : getty
तेंदुलकर का यह प्लान पसंद आया और फिर उन्होंने अमेरिका के बेन स्टर्नर को अपने साथ जोड़ा। स्टर्नर एक खेल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी है जबकि संजय की पहचान के जाहिर नहीं हो पाई थी। उन्होंने आगे लिखा, मैंने कहा, यह मेरी परिकल्पना है।

इसके बाद मैंने सचिन को सुझाव दिया किया कि इसके आयोजन के साथ अनुभवी लोगों को जोड़ा जाए और हम दोनों (तेंदुलकर और वॉर्न) के दो-दो प्रतिनिधि इसमें रहें। तेंदुलकर ने कहा, 'नहीं मेरे पास संजय और बेन है।' मुझे तेंदुलकर का जवाब अजीब लगा, लेकिन मैं जानता था कि सचिन और मैं मिलकर इस टूर्नामेंट को सफल बना सकते हैं।

शेन वॉर्न ने लिखा, मैं तेंदुलकर को 25 साल से जानता हूं और मैदान के बाहर उनका काम काबिल-ए-तारीफ है। इसलिए मुझे लगा कि उनका व्यवसायिक पक्ष ठीक तरह संगठित होगा। हालांकि बाद में मुझे इसके लिए पछताना पड़ा।
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