सार
अहमदाबाद विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर एविएशन विशेषज्ञ मार्क डी मार्टिन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिपोर्ट में तकनीकी खामियां हैं, पायलटों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। मार्टिन ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी से आग्रह किया कि वे इस पर ध्यान दें और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पारदर्शिता लाने के लिए कहें।
अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ जहां अंतिम जांच रिपोर्ट के आने तक इंजतार करने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर इस प्रारंभिक रिपोर्ट को लेकर मार्टिन कंसल्टिंग (एक एविएशन सेफ्टी और कंसल्टिंग फर्म) के संस्थापक और सीईओ मार्क डी मार्टिन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के पायलट बेवकूफ नहीं हैं। वे सच्चाई को समझते हैं। कोई भी पायलट जो अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए अपनी जान जोखिम में डालता है, वो इस तरह की रिपोर्ट से गुमराह नहीं होगा। यह कोई विच हंट नहीं है, जिसमें पायलटों को बलि का बकरा बनाया जाए, बल्कि निष्पक्ष और ईमानदार जांच होनी चाहिए।
रिपोर्ट में तकनीकी खामियों पर उठाए सवाल
मार्टिन ने रिपोर्ट की तकनीकी खामियों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जैसे ही विमान ने उड़ान भरी, इंजन फेल हो गया। ऐसी स्थिति में हाइड्रोलिक सिस्टम को बैकअप देने वाला राम एयर टर्बाइन (आरएटी) एक्टिवेट होता है। ऐसे में फ्यूल कट-ऑफ की बात रिपोर्ट में कैसे आ गई? साथ ही उन्होंने कहा कि जब इंजन पहले ही फेल हो चुके थे, तो ईंधन कट-ऑफ की बात कहां से आई? रिपोर्ट से ऐसा लग रहा है जैसे जानबूझकर पायलटों पर दोष डाला जा रहा है।
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रिपोर्ट जारी करने के समय पर भी सवाल
इसके साथ ही मार्क मार्टिन ने सवाल उठाया कि रिपोर्ट को रात दो बजे क्यों जारी किया गया। उन्होंने कहा कि क्या यह अमेरिकी दर्शकों के लिए किया गया? भारत में लोग जानना चाहते हैं कि क्या हुआ। इस रिपोर्ट में पारदर्शिता और तर्क की कमी है। मार्टिन ने यह भी कहा कि जब जांच अभी नौ महीने और चलनी है, तो रिपोर्ट में यह क्यों कहा गया कि अब बोइंग और जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) इस जांच में शामिल नहीं रहेंगे? उन्होंने कहा कि यह बात बहुत गंभीर है और इससे वैश्विक स्तर पर भारत की छवि प्रभावित हो सकती है।
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मार्टिन ने पीएम मोदी से की अपील
इसके साथ ही अंत में, मार्क डी मार्टिन ने कहा कि यह पिछले 40 वर्षों में भारत की सबसे बड़ी विमान दुर्घटना हो सकती है। इसकी जांच के वैश्विक असर होंगे। इसलिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करता हूं कि वो इस पर ध्यान दें और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पारदर्शिता लाने के लिए कहें। गौरतलब है कि मार्टिन के इस बयान ने एक बार फिर से यह मुद्दा गरमा दिया है कि क्या वास्तव में हादसे की जांच निष्पक्ष तरीके से हो रही है, या फिर पायलटों को आसान निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में अब सबकी निगाहें सरकार और एएआईबी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।