वायुसेना से जुड़े कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता तकनीक के साथ तालमेल बैठाना है। अपने संबोधन में उन्होंने वायुसेना के दृष्टिकोण के चार स्तंभों को बताया।
दिल्ली में भारत शक्ति द्वारा आयोजित भारत रक्षा कॉन्क्लेव 2023 में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने शिरकत की। कार्यक्रम में संबोधन के दौरान चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने कहा कि वायुसेना अपनी परिचालन क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में ध्यान दे रहा है। साथ ही उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी विकास के साथ तालमेल पर काम किया जा रहा है।
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साथ ही उन्होंने अपने संबोधन के दौरान वायुसेना को एक चुस्त और अनुकूलनीय वायुसेना के रुप में व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वायुसेना का दृष्टिकोण चार स्तंभों पर खड़ा है। जो क्षमता विकास, प्रौद्योगिकी आत्मसात, मानव संसाधन प्रबंधन और प्रशिक्षण, संयुक्तता और एकीकरण हैं। एयर चीफ मार्शल चौधरी ने शताब्दी दशक के लिए वायुसेना का दृष्टिकोण शीर्षक से एक प्रेजेन्टेशन में वायुसेना के दृष्टिकोण को बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी छोटे-छोटे कदम उठाती है तो हमें भी उसके साथ तालमेला बिठाना होगा। जो हमारी परिचालन क्षमताओं को बेहतर कर सकता है।
भारतीय वायुसेना आधिकारिक तौर पर 8 अक्टूबर, 1932 को स्थापित की गई थी। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इसकी दक्षता और उपलब्धियों को देखते हुए, मार्च 1945 में बल को "रॉयल" उपसर्ग से सम्मानित किया गया था। इसलिए, यह रॉयल इंडियन एयर फोर्स बन गई। 1950 में, जैसे ही भारत एक गणतंत्र बन गया,भारतीय वायु सेना ने अपना "रॉयल" उपसर्ग हटा दिया और ध्वज में संशोधन किया।