एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी
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एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में उत्तराखंड में हुए धर्म संसद को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है कि हरिद्वार धर्म संसद में नफरत भरे भाषण राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार की मिली भगत से दिए गए। उन्होंने नफरत भरे भाषण देने वाले दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। ओवैसी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना काफी नहीं है।
राज्य की भाजपा सरकार का हाथ
हैदराबाद में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, इस प्रकार की धर्म संसद उत्तराखंड में राज्य सरकार के आशीर्वाद और पूर्ण समर्थन के साथ हुई। इस तरह की बातें उनके समर्थन के चलते बोली गईं। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना काफी नहीं बल्कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, संबंधित संगठनों को यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया जाना चाहिए और तभी ऐसे बयानों पर रोक लगेगी।
मुसलमानों के खिलाफ खुले नरसंहार का आह्वान
एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने आरोप लगाया कि हरिद्वार धर्म संसद में देश में मुसलमानों के खिलाफ खुले नरसंहार का आह्वान किया गया था। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के इस मुद्दे पर चुप रहने के बारे में पूछे जाने पर ओवैसी ने कहा, देश में सभी राजनीतिक दल जो संविधान में विश्वास करते हैं और कानून के शासन पर भरोसा करते हैं उन्हें अपनी चुप्पी तोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी या कांग्रेस इस तरह के मुद्दे पर अगर अभी नहीं तो कब बोलेंगे, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर भी आलोचना की गई।
छात्रों और कार्यकर्ताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
वहीं, दिल्ली में छात्रों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को उत्तराखंड सदन में हरिद्वार में धर्म संसद में मुसलमानों के खिलाफ नफरत भरे भाषणों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।भारी पुलिस तैनाती के बीच उत्तराखंड सदन में प्रदर्शनकारी एकत्र हुए और सम्मेलन में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले यती नरसिम्हनंद, प्रबोधानंद और अन्नपूर्णा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।