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Owaisi: 'PM मोदी के दौर में लोकतंत्र खोखला बना, दलित-मुस्लिम को परेशान कर रही सरकार'; लोकसभा में ओवैसी के आरोप

Fri, 02 Feb 2024 07:43 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में हैदराबाद से निर्वाचित सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी के कार्यकाल और सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कई अहम सवाल भी पूछे। उन्होंने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ का अनुसरण कर रहा है, जो बेहद अफसोस की बात है। उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) को अल्पसंख्यक दर्जा के मुद्दे पर भी बात की।
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लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : sansad tv youtube
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विस्तार
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लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के 17 करोड़ मुसलमान गुस्से में हैं। सरकार अपनी नीतियों के आधार पर मुस्लिमों को हाशिए पर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि 17 करोड़ नागरिकों के मन में अविश्वास पैदा करना घातक है। ओवैसी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद 22 जनवरी को हुई प्राण प्रतिष्ठा के संदर्भ में कहा, ऐसा लगता है कि पीएम मोदी, लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री नहीं, पुजारी या सम्राट बन चुके हैं।
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हिटलर के दौर में यहूदियों की हालत से तुलना
ओवैसी ने कहा, आज 17 करोड़ मुस्लिमों की हालत वैसी ही है जैसी एक जमाने में हिटलर के दौर में यहूदियों की हालत थी। उन्होंने कहा कि देश का लोकतंत्र खोखला हो चुका है। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि इस कानूनो को धर्म से जोड़ना खतरनाक है। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांचल की मुस्लिम आबादी को बांग्लादेशी बताती है, जो आपत्तिजनक है। उन्होंने शायराना अंदाज में अहमद फराज का शेर उद्धृत कर हमला करते हुए कहा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में मुस्लिम आबादी के मन में अविश्वास पैदा हुआ है।

मसीहाओं को जब भी आवाज दी है, पलट कर आ गए हर बार कातिल
वहां क्या दागखाही क्या गवाही, जहां हों मुंसिफों के यार कातिल

ओवैसी ने संसद के बजट सत्र में केंद्र सरकार से कई तीखे सवाल भी पूछे-
  • लगता है पीएम मोदी पुजारी या सम्राट बन चुके हैं।
  • प्रधानमंत्री इतिहास रचना चाहते हैं- गांधी-अंबेडकर के देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की सोच।
  • 7 करोड़ मुसलमानों को क्या पैगाम दे रही सरकार?
  • 1991 के पूजा स्थल अधिकार कानून पर क्यों खामोश है सरकार?
शिक्षा और स्कॉलरशिप के बजट सरकार लगातार कम रही है
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ओवैसी लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग ले रहे थे। उन्होंने सरकार से प्री मैट्रिक स्कॉलरशिप और अल्पसंख्यकों की शिक्षा को लेकर चलाई जा रही दूसरी योजनाओं और नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये का शिक्षा और स्कॉलरशिप के बजट सरकार लगातार कम रही है। इससे साफ है कि पीएम मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को उच्च शिक्षा के अधिकार से वंचित करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 10 साल में एक मजहब और विचारधारा को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।


लोकसभा में ओवैसी से पहले कई अन्य सांसद भी बोले
इससे पहले कई अन्य सांसदों ने भी अभिभाषण पर चर्चा में भाग लिया। इसमें उत्तर प्रदेश से बसपा सांसद मलूक नागर और ओडिशा के बीजद सांसद चंद्रशेखर साहू का नाम शामिल है। इनके अलावा चर्चा में भाग लेने वाले सांसदों में महाराष्ट्र से निर्वाचित एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले, तमिलनाडु से निर्वाचित कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम, कर्नाटक के बंगलूरू दक्षिण सीट से निर्वाचित भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या, केरल से निर्वाचित इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर भी शामिल रहे।
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