AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और यूपी शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी। (दाएं)
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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। इस सिलसिले में ओवैसी बुधवार को हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर से भी मिले। रिजवी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी किताब में पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। इसी को लेकर ओवैसी ने नाराजगी जाहिर की।
पुलिस कमिश्नर से मिलने के बाद ओवैसी ने कहा कि उन्हें रिजवी के खिलाफ आपराधिक मामला दायर होने का आश्वासन मिला है। हमें उम्मीद है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
क्या है वसीम रिजवी की किताब पर विवाद?
शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चैयरमैन वसीम रिजवी ने पैगंबर मोहम्मद साहब की जिंदगी पर किताब लिख कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। वसीम रिजवी ने गाजियाबाद के डासना के महाकाली मंदिर में दर्शन करने के बाद महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से अपनी विवादित किताब ‘मोहम्मद’ का विमोचन कराया था। उनका दावा है कि ‘इस्लाम दुनिया में क्यों आया और इतना आतंकवादी विचार क्यों रखता है?’ इसी बात को यह किताब उजागर करती है। इसके अलावा उनका दावा है कि ये किताब पैगंबर मोहम्मद साहब के चरित्र को भी उजागर करती है।
कुरान की 26 आयतें हटाने की वकालत कर चुके हैं रिजवी?
वसीम रिजवी कुरान की आयतें हटाने की याचिका से भी विवादों में रहे थे। उन्होंने कुरान की 26 आयतों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका तर्क था कि कुरान की 26 आयतें आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं। मामला काफी दिनों तक चर्चा में रहा था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने रिजवी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। इसके अलावा भी कई मर्तबा रिजवी अपने विवादित बयानों से चर्चा में रहे हैं।