ओवैसी ने कहा कि आपको (सरकार) इस कानून को धर्म-तटस्थ बनाना चाहिए। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से जोड़ना होगा। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई कर रहा है, देखते हैं क्या होता है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गुजरात के दो और जिलाधिकारियों को अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान करने का अधिकार देने पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा कि यह पहले से ही हो रहा है कि "आप पहले लंबी अवधि का वीजा देते हैं और फिर उन्हें (अफगानिस्तान के अल्पसंख्यक समुदाय को) नागरिकता मिलती है।"
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ओवैसी ने कहा कि "आपको (सरकार) इस कानून को धर्म-तटस्थ बनाना चाहिए। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) को राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से जोड़ना होगा। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई कर रहा है, देखते हैं क्या होता है।"
वहीं, गुजरात के मोरबी पुल हादसे पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि "यह एक दर्दनाक हादसा है, हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात सरकार जान गंवाने वालों के परिवारों को न्याय दिलाएगी। सरकार बताए इतने लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन है।
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गुजरात में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने के लिए कमेटी के गठन पर ओवैसी ने कहा कि "भाजपा ने अपनी नाकामियों और गलत फैसलों को छिपाने के लिए चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कमेटी बनाई है।