ओडिशा के बालासोर जिले में खुद को आग लगाने वाली छात्रा की हालत बेहद गंभीर है। एम्स भुवनेश्वर के अधिकारियों ने उसकी स्थिति को लेकर जानकारी दी है। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं और पीड़िता की हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। इसी बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी दिल्ली से तीन दिवसीय दौरे के बाद सीधे एम्स भुवनेश्वर पहुंचे. वहां उन्होंने पीड़िता की स्थिति का जायजा लिया। और कहा कि छात्रा को दिल्ली एम्स के प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज दिया जा रहा है और जरूरत पड़ी तो उसे एयरलिफ्ट भी किया जाएगा।
सीएम माझी ने बताया कि एक विशेष चिकित्सकीय टीम बनाई गई है जो छात्रा का इलाज कर रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले 24 घंटे बेहद अहम हैं। सरकार ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से वर्चुअल बैठक करने की भी योजना बनाई है ताकि इलाज की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके। मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। उच्च शिक्षा विभाग ने पहले ही एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। शुरुआती कार्रवाई के तौर पर एफएम ऑटोनोमस कॉलेज, बलासोर के दो शिक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें आरोपी शिक्षक और कॉलेज के प्रिंसिपल शामिल हैं। आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
क्या बोले एम्स के निदेशक?
एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक डॉ. आशुतोष बिस्वास ने बताया कि पीड़िता का लगभग 95 प्रतिशत शरीर गंभीर रूप से जल गया है। उसके गुर्दे और फेफड़े भी प्रभावित हुए हैं। वह फिलहाल आईसीयू पर है। बिस्वास ने बताया कि कई विभागों के डॉक्टर छात्रा के इलाज में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा छात्रा के चेहरे पर कुछ निशानों को छोड़कर उसका पूरा शरीर जल गया है। अभी उसकी हालत में सुधार को लेकर हम कुछ नहीं कह सकते। गौरतलब है कि छात्रा ने शनिवार को शैक्षणिक संस्थान परिसर में कथित तौर पर खुद को आग लगा ली थी। वह 95 प्रतिशत तक झुलस गई। उसे बचाने की कोशिश कर रहे एक अन्य छात्र को भी चोटें आईं थीं।
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि बर्न विभाग के डॉक्टरों के अलावा क्रिटिकल केयर, सर्जरी, नेफ्रोलॉजी और पल्मोनोलॉजी के विशेषज्ञ भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं। छात्रा के इलाज के लिए एम्स, भुवनेश्वर ने एनेस्थीसिया, पल्मोनरी मेडिसिन, बर्न एंड प्लास्टिक, नेफ्रोलॉजी और अन्य विभागों के डॉक्टरों की एक आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति आवश्यकता पड़ने पर किसी भी अन्य महत्वपूर्ण विभाग के किसी भी संकाय सदस्य को इसमें शामिल कर सकती है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
इस बीच, इस मामले का संज्ञान राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया है। आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने ओडिशा के पुलिस महानिदेशक को इस मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़िता को सभी आवश्यक चिकित्सा एवं मनोवैज्ञानिक सहायता निःशुल्क प्रदान करने का निर्देश दिया है। साथ ही पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करने को भी कहा है।
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नवीन पटनायक ने भी प्रतिक्रिया दी
बालासोर छात्रा आत्मदाह मामले में ओडिशा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ट्वीट कहा कि छात्रा द्वारा आत्मदाह की घटना चौंकाने वाली और बेहद दुखद है। मैं भगवान जगन्नाथ से उसके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। मैं ओडिशा के राज्यपाल से आग्रह करता हूं कि वे मामले में हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि छात्रा को वह न्याय मिले जिसकी वह इतनी बेसब्री से मांग कर रही थी।
गौरतलब है कि फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर के एकीकृत बीएड कार्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार को एक शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि शिक्षक ने उसका यौन और मानसिक उत्पीड़न किया था।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन
इस घटना को लेकर विपक्षी बीजेडी सरकार पर हमलावर हो गई है। बीजेडी नेता एलीना दास ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आने के बाद राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने पुलिस की नाकामी की बात करते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है। बीजेडी नेताओं ने भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
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प्राचार्य और सहायक प्रोफेसर निलंबित
इस बीच ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 जुलाई को कॉलेज की एक छात्रा की ओर से आत्मदाह करने के मामले के बाद और मामले के प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर शैक्षिक अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर (स्टेज-I) समीरा कुमार साहू को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा एफएम (ऑटो) कॉलेज, बालासोर के सहायक प्रोफेसर और प्राचार्य दिलीप कुमार घोष को भी निलंबित कर दिया है। पत्र में लिखा है, 'सरकार का मानना है कि दिलीप कुमार घोष ने मामले को ठीक से नहीं संभाला है। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है। उन्हें ओडिशा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1962 के नियम 12 के उप-नियम (2) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।'
आंतरिक शिकायत समिति की जांच जारी
इससे पहले प्रिंसिपल दिलीप घोष ने कहा था, 'छात्रा मेरे पास आई थी और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई चाहती थी। मैंने उसे समझाया, क्योंकि वह तनाव में थी। उसने 30 जून को शिकायत दर्ज कराई थी और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच चल रही थी।'
आरोपी शिक्षक को हिरासत में लिया गया
इस बीच एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी शिक्षक को बालासोर शहर के सहदेवखुंटा पुलिस स्टेशन में हिरासत में ले लिया है। एसपी राज प्रसाद और एक वैज्ञानिक दल मौके पर मामले की जांच कर रहे हैं।