केरल में सड़क पर नियम तोड़ने वालों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) वाले कैमरे लगाए गए हैं, अब जो कई सड़कों पर यातायात का उल्लंघन करता है तो उनके पास ऑटोमैटिक ही चालाट पहुंच जाता है। खास बात यह है कि कैमरे की नजर में कोई वीआईपी नहीं है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि केरल में सरकार ने रोड सेफ्टी के लिए एआई कैमरे लगाए हैं जिसके तहत आम नागरिक ही नहीं, यहां तककि सांसद और विधायक जैसे वीआईपी का चालान कटा है।
एआई से हो रही रोड सेफ्टी में सहायता
इसकी जानकारी एलडीएफ सरकार ने गुरुवार को दी और कहा कि सेफ केरल प्रोजेक्ट के तहत राज्य की सड़कों पर यातायात उल्लंघन की निगरानी के लिए लगाए गए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) कैमरों से कोई नहीं बच पाया है। आगे कहा कि एआई कैमरे राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और उनके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों की संख्या को कम करने में सहायक रहे हैं।
जनता के बीच है यह गलतफहमी
केरल के परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने गुरुवार को कहा कि जनता के बीच यह गलतफहमी है कि वीआईपी वाहनों को यातायात उल्लंघन के लिए छूट दी जाती है और उन्हें बिना जुर्माने के छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि एआई कैमरे सभी वाहनों अपनी जद में ले रहे हैं। चाहे उनका पंजीकरण किसी भी राज्य का हो या वे किसी वीआईपी के भी हों, और उन सभी पर यातायात उल्लंघन के लिए जुर्माना लगाया गया है।
एक सांसद के वाहन ने छह बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया
परिवहन मंत्री राजू ने कहा कि इस साल जुलाई में विधायकों के वाहनों द्वारा 19 और सांसदों के वाहनों द्वारा 10 उल्लंघनों को एआई कैमरों ने रिकॉर्ड किया और जुर्माना जारी किया। उन्होंने कहा कि एक सांसद का वाहन छह बार यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया और एक विधायक का चार पहिया वाहन सात बार उल्लंघन के लिए पकड़ा गया।
वीआईपी लोगों ने नहीं बताए नाम
केरल के मंत्री राजू ने उन विधायकों के विवरण का खुलासा नहीं किया जिनके वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। साथ ही कहा कि ज्यादातर मामलों में चालान जारी किए जा चुके हैं और बाकी के लिए भी चालान जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यातायात उल्लंघन में भी काफी कमी आई है।