सरकार ने स्पष्ट किया है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) एअर इंडिया के दुर्घटनाग्रस्त ड्रीमलाइनर के ब्लैक बॉक्स को डिकोड करने के स्थान पर निर्णय लेगा। एएआईबी की एक बहु-विषयक टीम इस हादसे की जांच कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से यह स्पष्टीकरण ब्लैक बॉक्स को अमेरिका भेजे जाने की खबरों के बीच आया। मंत्रालय ने कहा, डिजिटल फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) का एक सेट 13 जून 2025 को दुर्घटना स्थल से बरामद हुआ और दूसरा सेट 16 जून को मिला। विमान के इस मॉडल में दो ब्लैक बॉक्स सेट हैं। स्थानीय प्राधिकारियों और एजेंसियों से सभी आवश्यक सहयोग के साथ एएआईबी जांच लगातार आगे बढ़ रही है। साइट दस्तावेजीकरण और साक्ष्य संग्रह समेत प्रमुख रिकवरी कार्य पूरा हो चुका है और आगे का विश्लेषण अब चल रहा है।
बिना जांचे एस्केप स्लाइड वाले एयरबस उड़ाने पर डीजीसीए ने एअर इंडिया को फटकारा था
नागरिक उड्डन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने तीन एयरबस विमानों के आपातकालीन उपकरणों की जांच के लिए निर्धारित तिथि से अधिक समय होने के बावजूद उड़ान भरने पर एअर इंडिया को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के लिए चेतावनी दी है। डीजीसीए ने इस मुद्दे को हल करने में धीमी गति से काम करने के लिए भी फटकार लगाई। यह मामला मई में एअर इंडिया के तीन एयरबस विमानों की जांच से जुड़ा है। डीजीसीए की रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर की गई जांच में पाया गया कि एस्केप स्लाइड्स के महत्वपूर्ण आपातकालीन उपकरणों पर अनिवार्य निरीक्षण के निर्धारित समय से अधिक समय होने के बावजूद उनका संचालन किया गया था। एक जांच में पाया गया कि एयरबस ए320 जेट का निरीक्षण 15 मई को किए जाने से पहले एक महीने से अधिक समय तक विलंबित रहा। एयरनेव रडार डाटा से पता चलता है कि देरी के दौरान विमान ने दुबई, रियाद और जेद्दा जैसे अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ान भरी थी।
215 मृतकों की पहचान हुई 198 शव परिजन को सौंपे गए
अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान हादसे में 270 लोगों की मौत होने के एक सप्ताह बाद 215 मृतकों की डीएनए मिलान के जरिये पहचान कर ली गई है। 198 शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ राकेश जोशी ने बताया कि जो 198 शव सौंपे गए हैं उनमें 149 भारतीय, 32 ब्रिटिश, सात पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक है। 198शवों में जमीन पर मारे गए सात लोगों के पार्थिव शरीर भी शामिल हैं। कुल 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को लेकर 12 जून को लंदन जा रहा एअर इंडिया का विमान एआई-171 अहमदाबाद के एक मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में एक व्यक्ति को छोड़कर विमान में सवार सभी यात्रियों की मौत हो गई थी और जमीन पर मौजूद लगभग अन्य 29 लोग मारे गए थे।
घायलों में सबसे छोटे बच्चे ध्यानाश की हालत में अब सुधार
एअर इंडिया विमान हादसे के घायलों में सबसे कम उम्र आठ महीने के ध्यानाश की हालत में सुधार हो रहा है। एक शिशु पीआईसीयू में भर्ती हैं। उसके पिता कपिल कछाड़िया ने बताया कि ध्यानाश 28 प्रतिशत जल गया था। कपिल बीजे मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी में सुपर स्पेशियलिटी एमसीएच डिग्री कोर्स कर रहे। दुर्घटना और उसके बाद लगी आग की भयावहता इतनी थी कि बीजे मेडिकल कॉलेज के आवासीय फ्लैट के अंदर होने के बावजूद गर्मी से उनकी पत्नी मनीषा और बेटे ध्यानश जल गए।
उड़ान से पहले विमान और उसके इंजन में कोई समस्या नहीं दिखी थी : कैंपबेल
एअर इंडिया के सीईओ और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर का अच्छी तरह से रखरखाव किया गया था। इसकी आखिरी बड़ी जांच जून 2023 में की गई थी और अगली जांच इस साल दिसंबर में होनी है। उड़ान से पहले विमान और उसके इंजन में कोई समस्या नहीं दिखी। यात्रियों को दिए संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ हफ्तों के लिए एअर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय वाइड-बॉडी बेड़े के संचालन में 15 फीसदी की कटौती एक अस्थायी कदम है। विल्सन ने कहा, विमान के दाहिने इंजन की मार्च 2025 में मरम्मत की गई थी और बाएं इंजन की अप्रैल 2025 में जांच हुई थी। विमान और इंजन दोनों की नियमित रूप से निगरानी की गई थी, जिससे उड़ान से पहले कोई समस्या नहीं दिखी।