कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के मुलाकात पर तंज कसा। साथ ही उन्होंने मुनीर और टंप के लंच को लेकर चिंता जताते हुए अमेरिका को ओसामा बिन लादेन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की दोहरी नीति पर भरोसा नहीं किया जा सकता और भारत में आतंक फैलाने वालों को रोकना जरूरी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर की दुर्लभ मुलाकात की चर्चा तेज हो रही है। इसी बीच इस मामले में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अमेरिका को याद दिलाया कि ओसामा बिन लादेन, जिसने 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला किया था और करीब 3,000 लोगों की जान ली थी, पाकिस्तान की सेना के कैंप के पास छिपा मिला था।
थरूर ने कहा कि कुछ अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, लेकिन पूरे अमेरिका को यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान ने ओसामा जैसे आतंकवादी को पनाह दी थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की दोहरी नीति पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए, जिसने अमेरिका पर हमले के दोषी को छिपा रखा था और भारत में आतंक फैलाने वालों को समर्थन देता है।
भारत के खिलाफ आतंक पर दी चेतावनी
थरूर ने उम्मीद जताई कि ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख को यह स्पष्ट संदेश दिया होगा कि भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देना बंद करें। उन्होंने कहा कि आशा है कि जनरल को खाने के साथ यह सख्त संदेश भी मिला होगा, क्योंकि यह अमेरिका के हित में भी है।
यह कड़ा बयान उस समय आया जब ट्रंप ने बार-बार दावा किया कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को खत्म कराने में भूमिका निभाई है। हालांकि भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि पाकिस्तान ने ही युद्धविराम का प्रस्ताव रखा था। प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश ट्रंप पर कोई खास असर नहीं दिखा, क्योंकि कुछ घंटों बाद ट्रंप ने फिर से युद्धविराम का श्रेय लेने की कोशिश की और मीडिया पर अपनी भूमिका को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया।